चिंतपूर्णी पंचायत में ग्राम सभा की बैठक में किया नगर पंचायत का विरोध करते हुए ग्रामीण।स्रोत स्व
ग्रामीणों का आरोप- बिना जनसहमति के लिया निर्णय
बोले-आजीविका पर पड़ेगा असर, कर का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। नारी चिंतपूर्णी पंचायत में प्रस्तावित नगर पंचायत के गठन को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष है। सरकार की ओर से इस क्षेत्र को नगर पंचायत में तबदील करने की प्रक्रिया शुरू की गई है लेकिन इस फैसले का विरोध गांव के हर तबके में देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्णय बिना जनसहमति के लिया गया है और इससे न केवल उनकी आजीविका पर असर पड़ेगा बल्कि करों का अतिरिक्त बोझ भी उठाना पड़ेगा। लंबे समय से ग्रामीण जीवनशैली जी रहे लोग मानते हैं कि नगर पंचायत बनने से उन्हें वे सुविधाएं नहीं मिलेंगी, जिनका दावा किया जा रहा है। पहले से मिल रही छूट और अधिकार छिन जाएंगे। महिलाओं से लेकर बुजुर्गों और युवाओं तक सभी ने एक स्वर में इस निर्णय को किसान, मजदूर और निम्नवर्गीय जनता के खिलाफ बताया है। ग्राम सभा की बैठक के माध्यम से सामने आए जन आक्रोश और सरकार के निर्णय के खिलाफ उठ रही आवाज को रेखांकित किया गया है। नारी चिंतपूर्णी पंचायत में प्रस्तावित नगर पंचायत गठन के खिलाफ रविवार को ग्राम सभा की बैठक में जोरदार विरोध दर्ज किया गया। पंचायत मुख्यालय में आयोजित बैठक में पूर्व प्रधान, पंचायत प्रतिनिधि, महिलाएं और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सर्वसम्मति से विरोध प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में नगर पंचायत को ग्रामीणों पर अनावश्यक कर बोझ बताया गया है। पूर्व प्रधान विजय सिंह ठाकुर ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के नाम पर ग्रामीणों पर नगर निकाय थोपना अन्यायपूर्ण है। क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पूरी तरह ग्रामीण है। नगर पंचायत बनने से हाउस टैक्स, पानी-सीवरेज शुल्क और नक्शा पास कराने जैसी जटिलताओं से ग्रामीणों को भारी नुकसान होगा। महिलाओं ने भी नगर पंचायत के नाम पर झूठे विकास के दावों को आड़े हाथों लिया। तृप्ता देवी, उर्मिला, आरती ठाकुर और अन्य ने कहा कि पहले भी साडा के तहत विकास के नाम पर लोगों को सिर्फ परेशान किया गया, जमीन पर पाबंदियां लगीं, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलीं। ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि न तो कोई जनसुनवाई हुई, न ही ग्रामीणों से राय ली गई। बैठक में तय हुआ कि यदि सरकार ने विरोध की आवाज नहीं सुनी तो शांतिपूर्ण आंदोलन छेड़ा जाएगा। ग्राम सभी की बैठक में पंचायत प्रधान अलका संधू, उपप्रधान सुरेंद्र ठाकुर साेनी, दिलबाग सिंह, संजीव कुमार, विपिन, उर्मिला, संताेष कुमारी, रमेश चंद, राकेश कुमार और राजेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।