ऊना। अब कागजों पर प्रगति रिपोर्ट भेजने भर से अब काम नहीं चलेगा। जल शक्ति विभाग ने करोड़ों रुपये की लागत से चल रही योजनाओं की गुणवत्ता, प्रगति पर सीधी निगरानी की व्यवस्था लागू कर दी है।
अब एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली प्रत्येक योजना का हर माह संबंधित एसडीओ औचक निरीक्षण करेंगे जबकि पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं का निरीक्षण स्वयं अधिशासी अभियंता करेंगे। निरीक्षण की रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यालय भेजी जाएगी।
इसे लेकर सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। निर्देशों में स्पष्ट कहा कि गया है कि परियोजनाओं की निगरानी के लिए एसडीओ और अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में िर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे।
अधिकारी अपने जिलाें या उपमंडल के दूरदराज के क्षेत्रों में रात्रि प्रवास पर भी जाएंगे। इस दौरान स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लेंगे। सरकार से निर्देश मिलने के बाद जल शक्ति विभाग ऊना के आलाधिकारियों ने कमर कस ली है।
वर्तमान में जल शक्ति विभाग की जिला में पांच करोड़ या इससे ऊपर की लागत की 15 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं और एक करोड़ से अधिक लागत की करीब 30 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। सरकार के निर्देश मिलने के बाद अधिशासी अभियंता और जिले के एसडीओ ने इन परियोजनाओं का निरीक्षण करने की योजना बनाना शुरू कर दिया है। सरकार ने विभाग की भूमि, भवन, मशीनरी की मैपिंग कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने को भी कहा है।