ऊना। तपती गर्मी के बीच पेयजल की सुचारू सप्लाई ग्रामीणों को होती रहे, इसके लिए जल शक्ति विभाग ने फील्ड कर्मचारियों को निर्देशित कर दिया है। इसके लिए उठाऊ पेयजल योजनाओं पर तैनात कर्मचारी पूरी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए डट गए हैं।
शुक्रवार को दोपहर 1:30 बजे बरनोह स्थित कोडरा से तूतड़ू तक पेयजल मुहैया कराने वाली उठाऊ पेयजल योजना नंबर-17 पर भी कर्मचारी तैनात हैं। यह योजना बड़ी आबादी को पीने के लिए पानी मुहैया करवा रही है। इस समय दोपहर को पंप आपरेटर बलजिंद्र, राजीव व रमन कुमार ड्यूटी पर मौजूद हैं। स्कीम पर लगभग 6.25 लाख लीटर क्षमता के पेयजल टैंक से 17 ग्राम पंचायतों के वासियों की प्यास बुझा रही है। इस दौरान स्कीम पर विद्युत कट के चलते मोटर स्टार्ट करने के लिए कर्मचारी इंतजार में हैं। योजना के टैंक से 24 घंटे में से 20 घंटे पेयजल सप्लाई सुचारू रूप से की जा रही है। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों की मानें तो यहां से कुटलैहड़ बंगाणा का 27 किलोमीटर क्षेत्र कवर होता है। प्रथम चरण में बरनोह, स्कौन से हरिनगर तो यहां से लाइन बदलकर डोहगी तक पेयजल मुहैया कराया जाता है। इसके बाद डोहगी से भी कई गांवों के लोगों की प्यास बुझाने में यह स्कीम भूमिका अदा कर रही है।
कर्मचारियों की मानें तो अभी कुछ रोज पूर्व उन्होंने टैंक की सफाई एवं क्लोरीनेशन की है। इस बीच 2:40 पर विद्युत कट से बिजली सप्लाई आती है तो कर्मी पंप हाउस में पेयजल सुचारू व्यवस्था एवं मोटर के चलने को लेकर देखरेख कार्य में डट जाते हैं, ताकि पेयजल सप्लाई के दौरान कोई बाधा उत्पन्न न हो। बड़ी आबादी को पेयजल तेज रफ्तार से पहुंचे इसके लिए 150 हॉर्स पावर की तीन मोटर यहां स्थापित हैं, जबकि इनमें से दो संचालित है तो एक मोटर किसी भी आपात स्थिति के लिए स्टैंडबाय मोड पर रखी गई है। ठीक तीन बजे तक भी कर्मचारी स्कीम के अन्य हिस्सों एवं उपकरणों की जांच के लिए चहलकदमी कर रहे थे। तीनों कर्मियों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति में कोई बाधा न हो, इसके लिए तत्काल समाधान के लिए यहां दिन में तीन तो रात में भी तीन कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
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उक्त स्कीम से अधिकांश पहाड़ी क्षेत्र तक पेयजल सप्लाई की जाती है। निर्विघ्न पेयजल सप्लाई के लिए यहां 24 घंटे कर्मचारी डटे रहते हैं। किसी भी समस्या पर तत्काल रिपोर्ट देने के लिए फील्ड अधिकारियों को कहा गया है।
-ई. नरेश कुमार धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग, ऊना
बरनोह में बन कर तैयार पानी का टैंक।संवाद