ऊना। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। अब आयुर्वेदिक अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इन मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा की जाएगी। विभाग ने स्वाइन फ्लू की स्थिति पर नजर रखने के लिए यह कदम उठाया है।
आयुर्वेदिक अस्पतालों में रोजाना ओपीडी में आने वाले मरीजों में सर्दी-जुकाम और बुखार के लक्षण पाए जाने पर उनकी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें मरीज के लक्षणों के साथ अन्य जरूरी विवरण भी शामिल किया जाएगा। अस्पतालों से मिलने वाली इस जानकारी को स्वास्थ्य विभाग स्तर पर संकलित किया जाएगा, ताकि किसी क्षेत्र में अचानक फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। ओपीडी में आने वाले मरीजों का रिकॉर्ड तैयार होने से जिले में फ्लू जैसे लक्षणों की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। किसी क्षेत्र में मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग समय रहते निगरानी और बचाव के उपाय बढ़ा सकेगा। विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि सर्दी-जुकाम और बुखार को हल्के में न लें। लक्षण अधिक होने पर चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।
संदिग्ध मरीजों पर रहेगी नजर
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था में आयुर्वेदिक अस्पतालों को भी शामिल करने से फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की पहचान का दायरा बढ़ेगा। खासतौर पर लगातार बुखार, खांसी, गले में खराश, सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों वाले मरीजों की जानकारी पर नजर रखी जाएगी। यदि किसी मरीज में स्वाइन फ्लू जैसे गंभीर लक्षण पाए जाते हैं तो उसे आवश्यक जांच और उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थान में भेजा जा सकेगा।
स्वाइन फ्लू को लेकर विभाग सतर्क है। आयुर्वेद अस्पताल में सर्दी, जुकाम व बुखार से संबंधित मरीजों को रिकॉर्ड भी स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा किया जाएगा ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
-डॉ, किरण शर्मा, जिला आयुष अधिकारी ऊना