ऊना जनहित मोर्चा अध्यक्ष राजीव भनोट ने उठाया मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ऊना-संतोषगढ़ मार्ग पर स्थित रामपुर का पुल पिछले ढाई वर्षों से आपदा की मार झेल रहा है और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद वैकल्पिक तौर पर लोहे का बेली ब्रिज लगाया गया। लेकिन, ढाई साल बीत जाने के बावजूद नए पक्के पुल का निर्माण शुरू न होना स्थानीय जनता के लिए बड़ी समस्या बन गया है।
यह मार्ग क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक रीढ़ है। इसी मार्ग पर एचआरटीसी वर्कशॉप, कृषि विज्ञान केंद्र, इंडियन ऑयल डिपो और अनुसूचित जाति आयोग का कार्यालय स्थित हैं। संतोषगढ़ नगर परिषद और करीब डेढ़ दर्जन पंचायतों की हजारों की आबादी प्रतिदिन इसी पुल से होकर गुजरती है। हजारों वाहनों का दबाव अस्थायी लोहे के पुल पर बना रहता है, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर ऊना जनहित मोर्चा के अध्यक्ष राजीव भनोट ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मुलाकात की और उन्हें समस्या की गंभीरता से अवगत कराया। उन्होंने मांग की कि इस महत्वपूर्ण पुल का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इस पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने कहा कि मामला उनके ध्यान में है और उन्होंने विभाग को जल्द उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।