गगरेट विस क्षेत्र से राकेश कालिया ने कांग्रेस के प्रत्यार्शी के तौर पर नामांकन दाखिल किया
गगरेट (ऊना)। आम तौर पर आपने चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की संपत्ति बढ़ते हुए सुना होगा। मगर विधानसभा क्षेत्र गगरेट के उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राकेश कालिया की संपत्ति सात साल में बढ़ने की बजाय लगभग 2.15 करोड़ रुपये घट गई है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में राकेश कालिया ने शपथ-पत्र में करीब 18 करोड़ रुपये की संपत्ति की घोषणा की थी। अब 2024 के विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने शपथ-पत्र में अपनी संपत्ति 15.75 करोड़ रुपये के करीब दर्शाई है।
घोषण पत्र के अनुसार उनके कर्ज जरूर कम हुए हैं। वर्ष 2017 में राकेश कालिया और उनकी पत्नी पर करीब छह करोड़ रुपये की देनदारियां थीं और अब तीन करोड़ के करीब रह गई हैं। कांग्रेस प्रत्याशी राकेश कालिया द्वारा सोमवार को नामांकन-पत्र के साथ दिए शपथ-पत्र में खुलासा किया है कि उनपर कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है।
राकेश कालिया के पास 95 हजार रुपये और उनकी पत्नी के पास 70 हजार रुपये नकदी है। उनके पारिवारिक सदस्य के पास 45,000 रुपये की नकदी है। राकेश कालिया के पास बैंकों में जमापूंजी भी बेहद कम है और दंपती पर 2.98 करोड़ की देनदारियां हैं। कालिया के पास स्वर्ण आभूषण के नाम पर कुछ नहीं है, जबकि पत्नी के पास करीब 46 लाख रुपये के स्वर्ण आभूषण हैं। राकेश कालिया के पास करीब 10 करोड़ रुपये, जबकि पत्नी के पास पौने पांच करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। स्नातक तक पढ़े राकेश कालिया राजनेता होने के साथ-साथ होटलियर भी हैं।
जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश
कांग्रेस प्रत्याशी राकेश कालिया ने नामांकन-पत्र दाखिल करते समय भी जातिगत समीकरणों को साधने का प्रयास किया है। राकेश कालिया ने राजपूत मतदाताओं को साधने के लिए दो राजपूत मतदाताओं को अपना प्रस्तावक बनाया। बीडीसी सदस्य अनिल डढवाल और कलोह के उपप्रधान अजय पाल सिंह ने राकेश कालिया का नाम उपचुनाव में प्रत्याशी के तौर पर प्रस्तावित किया। वहीं, अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले गुरमेल सिंह को राकेश कालिया ने अपना इलेक्शन एजेंट बनाया है। यही नहीं बल्कि राकेश कालिया के कवरिंग कैंडीडेट के रूप में उनकी पत्नी रेणु कालिया ने भी नामांकन-पत्र दाखिल किया है। एडवोकेट विकास कश्यप ने राकेश कालिया का नामांकन-पत्र दाखिल करवाया।