गगरेट (ऊना)। नंगल जरियालां सहकारी सभा में खाताधारकों की जमा पूंजी और वित्तीय रिकॉर्ड को लेकर उठे सवालों का समाधान विशेष ऑडिट की अंतिम रिपोर्ट पर टिका है। वर्ष 2019-20 के ऑडिट के बाद रिकॉर्ड में अंतर की बात सामने आने पर विशेष ऑडिट शुरू हुआ लेकिन अभी तक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इससे खाताधारकों को अपनी जमा राशि की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
सभा कमेटी के अनुसार वर्ष 2019 में कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक की दौलतपुर चौक शाखा में सभा के खाते में एक करोड़ 38 लाख 51 हजार 988 रुपये जमा थे।
कमेटी द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक विवरण में वर्ष 2020 में यह राशि 26 लाख 80 हजार 484 और वर्ष 2021 में 12 लाख 11 हजार 878 रुपये दर्शाई गई। पुराने ऑडिट रिकॉर्ड में अलग राशि दर्ज होने का दावा है। कमेटी का कहना है कि दस्तावेजों के मिलान के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। एफडीआर को लेकर भी कमेटी ने सवाल उठाए हैं।
उसका कहना है कि वर्ष 2019 के ऑडिट में कुछ एफडीआर का विवरण नहीं था जबकि बाद के रिकॉर्ड में इनके होने की बात सामने आई। कमेटी के अनुसार चार दिसंबर 2024 के हाईकोर्ट के निर्णय में वर्ष 2016-17 से 2023-24 तक के रिकॉर्ड का विशेष अंकेक्षण करवाने की प्रक्रिया को बरकरार रखा गया था। इसके बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त किया गया लेकिन रिकॉर्ड उपलब्ध न होने से ऑडिट पूरा नहीं हुआ।
एक जून 2026 को एक अन्य चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म को तीन माह में ऑडिट पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। कमेटी के अनुसार अवधि पूरी होने के बाद भी अंतिम रिपोर्ट नहीं मिली है। खाताधारकों का कहना है कि जमा राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से उन्हें जरूरी खर्चों में परेशानी हो रही है। कमेटी का कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना है।
सभा प्रधान कैप्टन देवराज ने कहा कि वर्ष 2019 में विभागीय कर्मचारियों और सचिव की मौजूदगी में खातों का मिलान करवाकर डाटा कंप्यूटर में दर्ज किया गया था। बैंक और ऑडिट रिकॉर्ड में अंतर की जांच विशेष ऑडिट में होनी चाहिए।
सचिव विनोद कुमार ने बताया कि उनके कार्यभार संभालने के बाद उपलब्ध रिकॉर्ड उनके पास है जबकि वर्ष 2016-17 का रिकॉर्ड उन्हें नहीं मिला। सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय ने प्रबंधन कमेटी को पूर्व सचिव से रिकॉर्ड लेकर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।