नेताअों को जूते मारकर प्रदर्शन करते स्वर्णकार।
- फोटो : अमर उजाला
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में हड़ताल पर बैठे स्वर्णकारों का प्रदर्शन 34वें दिन में प्रवेश कर गया। सोमवार को स्वर्णकारों ने एमसी पार्क के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेतली का पुतला बनाकर उनके ऊपर जूतों की बरसात की। वहीं, सपेरे से बीन बजवाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान स्वर्णकारों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय बजट में बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी को वापस लेने की मांग उठाई।
जिला स्वर्णकार संघ के महासचिव विजय कोहली ने कहा कि वित्त मंत्रालय की ओर से थोपी गई नई नीतियां सरासर गलत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के ऐसे निर्णय से स्वर्णकार बेरोजगार हो जाएंगे तथा उन्हें मजबूरन आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ेगा। केंद्र में मोदी सरकार को लाने में स्वर्णकारों का भी सहयोग रहा है और सरकार स्वर्णकारों को ही भूखे मारने में अड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि स्वर्णकार एक माह से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। संघ न्यायसंगत मांगों के प्रति भी केंद्र सरकार ढुलमुल रवैया अपनाए हुए है। ऐसा लगता है कि सरकार बहरी हो गई है और स्वर्णकारों की मांगों से सरकार को कोई सरोकार नहीं है।
स्वर्णकारों ने मोदी सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि केंद्रीय बजट में बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी को वापस नहीं लिया गया तो संघर्ष को उग्र रूप दिया जाएगा। इस अवसर पर स्वर्णकार संघ के पीआरओ शाम हांडा, किशोरी लाल, विजय हांडा, मूलराज, गणेश कौशल, अशोक कुमार, टेकचंद सोनी, मदन लाल सोनी, सतदेव, विजय हांडा, काकू हांडा, अनुज ब्रह्मी, संजीव कुमार, बॉबी, विक्रम, जनक, प्रिंस और अवतार धीमान सहित दर्जनों स्वर्णकार उपस्थित रहे।