संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना/नारी/दौलतपुर चौक (ऊना)। गुरु पूर्णिमा के पावन दिवस पर ऊना के विभिन्न धार्मिक स्थलों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों भक्तों ने अपने गुरुजनों का आशीर्वाद लिया। डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
श्रीश्री 1008 सुग्रीवानंद महाराज ने बताया कि हमारी प्रथम गुरु मां होती है, जो सांसारिक मूल्यों से हमारा परिचय करवाती है। उसी तरह ज्ञान और भगवान प्राप्ति का मार्ग केवल एक गुरु ही दिखा सकता है। इस दौरान आश्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने लंबी कतार में खड़े होकर गुरु महाराज से आशीर्वाद लिया। माथा टेकने के बाद श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया।
वहीं, महर्षि विद्या मंदिर डंगोह खास में बुधवार को गुरु पूर्णिमा उत्सव एवं महर्षि विश्व शांति आंदोलन का चौदहवां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इसमें प्रधानाचार्य आरसी त्यागी, अध्यापक व अभिभावकों ने भाग लिया।
इस अवसर पर सर्वप्रथम गुरु परंपरा के अनुसार गुरु पूजन किया गया। इसके बाद योगासन, प्राणायाम का नियमित अभ्यास और स्वास्थ्य वर्धक भोजन लेकर सदैव स्वस्थ रहने का संकल्प लिया गया। वहीं, श्री राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां में भी बुधवार को बच्चों की अच्छी खासी रौनक देखने को मिली। इस दौरान सैकड़ों लोगों से राष्ट्रीय संत बाबा बाल महाराज जी से आशीर्वाद लेकर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। बाबा बाल महाराज ने अपने भक्तों से कहा कि अपनी कमाई का निश्चित हिस्सा दीन दुखियों की सेवा अथवा गो सेवा में लगाएं।
इस धार्मिक कार्यक्रम में इंटक के राष्ट्रीय संगठन सचिव जगत राम शर्मा बाबा बाल जी से आशीर्वाद लेने पहुंचे। जगत राम ने कहा कि बाबा बाल जी की बदौलत कोटला कलां उन्हें छोटा वृंदावन लगता है। इसी तरह पंडित हरी शाह जी दरबार अंबोआ में शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। डेरा के गद्दीनशीन बाबा राकेश शाह जी ने सैकड़ों भक्तों को गुरु दीक्षा प्रदान की। कहा कि काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार सांसारिक आडंबर मनुष्य को प्रभु से दूर ले जाते हैं। उन्होंने इस मौके पर जब कोई नहीं आता मेरे गुरुवर आते हैं भजन से सभी का मन मोह लिया।