नारी चलोला बसाल बडसाला बदोली गांवों के बच्चे हो रहे परेशान
बोले- समय नहीं बदला तो धरना प्रदर्शन करने के लिए होना पड़ेगा विवश
सतीश शर्मा
नारी (ऊना)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धमांदरी में गांव नारी चलोला, बसाल, बडसाला, बदोली गांवों से 50 के तकरीबन बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। स्कूल में छुट्टी का समय 3:00 बजे का है और इन बच्चों ने एचआरटीसी के पास भी बनवा रखे हैं। लगभग चार महीने से जो बस पहले 3:05 से धमांदरी से ऊना को चलती थी, अब वह 2:00 बजे निकल जाती है। निगम की ओर से बस का समय बदलने से बच्चों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित बच्चों ने चेताया है कि समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश होना पड़ेगा। विशेषकर लड़कियों के लिए स्थिति अनुकूल नहीं है। प्रधानाचार्य ने पहले भी लिखित रूप में एचआरटीसी के डीडीएम को बस का टाइम बदलने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन आज पांच महीने बीत जाने पर भी इस पर कोई अमल नहीं किया गया। लड़कियों को अंधेरा बस अड्डे पर ही हो जाता है। आगे उन्होंने घर भी पहुंचना है। यदि आने वाले समय कोई अप्रिय घटना घट जाती है तो उसके लिए जिम्मेदारी किसकी है। इस संबंध में शुक्रवार को बस का इंतजार करते बच्चों ने बताया कि हम अपने घर लगभग 6:00 बजे पहुंचते हैं। फिर होमवर्क करने का समय ही कब रह जाता है। अन्य लोगों में बालकृष्ण, हरजीत कुमार, प्रधान ग्राम पंचायत, उप प्रधान, स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्यों ने भी विभाग से समय पर बस चलाने की मांग की है। डीडीएम ऊना सुरेश धीमान ने बताया बसों की समयसारिणी आरटीओ की ओर से तय की जाती है। आरटीओ ऊना अशोक कुमार ने बताया कि समयसारिणी तीन माह पहले ही बदल दी गई है। आगे निगम प्रबंधन ने ही कार्रवाई अमल में लानी है।
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पूर्व उप प्रधान बालकृष्ण ठाकुर का कहना है कि लड़कियों को बस अड्डे पर ही अंधेरा हो जाता है। परिवहन विभाग से कई बार स्कूल के माध्यम से प्रार्थना पत्र भेजे गए हैं लेकिन उस पर अमल आज तक नहीं हुआ। यदि बस का समय नहीं बदल गया। तो गांव के लोग परिवहन निगम के कार्यालय के आगे धरना देने पर मजबूर होंगे।
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स्थानीय निवासी हरजीत सिंह का कहना है कि विधायक विवेक शर्मा ने भी एक महीना पहले विभाग को बस का समय बदलने को कहा था लेकिन आज तक विधायक की भी नहीं सुनी। क्या विभाग के अधिकारी लोगों के सुविधाओं के लिए नहीं है। कहा कि शीघ्र बस का समय बदला जाए।
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छात्र विजय कुमार का कहना है कि बस का समय नहीं बदलने से हमारी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। अंधेरा होने पर घर पहुंचते हैं। फिर होमवर्क भी करना होता है। थोड़ा समय खेलने के लिए भी चाहिए। लेकिन, विभाग के सिर पर जूं तक भी नहीं रेंगी। यदि समय नहीं बदला गया तो स्कूल के 400 छात्र-छात्राएं विभाग के कार्यालय के आगे धरना देंगे।
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छात्रा प्रिया ने बताया कि घर पहुंचने में देरी होने से माता-पिता को भी चिंता हो रही होती है। देरी से पहुंचने से न कोई घर के कार्य में हाथ बंटा पाते हैं और न ही कोई होमवर्क करने का समय मिलता है। विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द बस का समय बदल दिया जाए ताकी सभी बच्चों को राहत यह मिले।