गृहिणियां बोलीं, फल खरीदना हो गया है पहुंच से बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब(ऊना)। सर्दियां आने के बावजूद सब्जियों और फलों के दाम आसमान छू रहे हैं। महंगाई ने घरों का बजट और सब्जी का जायका दोनों बिगाड़ दिए हैं। बरसात के दिनों में सब्जियों के भाव में हमेशा तेजी दर्ज की जाती है। इस वर्ष नवंबर लगभग समाप्ति की ओर है लेकिन फलों और सब्जियों के दाम औसत से ऊपर ही दर्ज किए जा रहे हैं। फलों की बात करें तो जो सेब सीजन में लगभग सौ से अस्सी रुपये किलो मिलता था वह वर्तमान में 120 से 200 रुपये किलो तक बिक रहा है। केला साठ रुपये दर्जन रहता था जो सत्तर रुपये दर्जन पर टिका हुआ है। अनार सौ से सवा सौ तक मिलता था जो अभी दो सौ रुपये किलो बिक रहा है। सब्जियों के दाम भी अपना ग्राफ ऊपर बनाए हुए हैं। फूल गोभी जो सर्दियों के सीजन में बीस-तीस रुपये किलो पर मिल जाती थी, आज साठ रुपये किलो है। बीस रुपये किलो तक मिलने वाले आलू तीस रुपये हैं। चालीस, पचास रुपये किलो मिलने वाले मटर अस्सी रुपये किलो हैं, तो चालीस रुपये मिलने वाले टमाटर साठ रुपये किलो हैं। बीस-तीस रुपये किलो मिलने वाली गाजर साठ रुपये किलो है।
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गृहणि सरिता देवी का कहना है कि फल और सब्जियां पहले के मुकाबले ज्यादा महंगी हो गई हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है।
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कंचन बाला का कहना है कि आमतौर पर सर्दियां आने पर सब्जियों के भाव सामान्य हो जाते हैं लेकिन इस वर्ष अभी तक सब्जियां काफी महंगी हैं।
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रजनी बाला का कहना है कि फल, सब्जी मंहगे होने से घर का बजट हिल गया है। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। फल खरीदना पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
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रुचिका शर्मा का कहना है कि जो सब्जियां पहले दस बीस रुपये में मिलती थी, आजकल साठ से अस्सी तक बिक रही हैं। इससे ग्राहकों की जेब पर बोझ बढ़ गया है।