ऊना। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने चार पुरानी बसों को कंडम घोषित करने की तैयारी शुरू कर दी है। निगम प्रबंधन की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है। इन बसों की तकनीकी स्थिति खराब होने और लगातार मरम्मत खर्च बढ़ने के चलते यह कदम उठाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार प्रस्तावित चार बसों में एक बस ने 15 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर ली है। तय मानकों के अनुसार इतनी पुरानी बसों को चरणबद्ध तरीके से बेड़े से बाहर किया जाता है। वहीं बाकी तीन बसों की हालत भी काफी जर्जर बताई जा रही है। इनमें से एक जेएनएनयूआरएम की बस भी शामिल है। इन बसों में आए दिन तकनीकी खराबी सामने आ रही है, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि पुरानी बसों के रखरखाव पर लगातार खर्च बढ़ रहा है जबकि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में जिन बसों की हालत संचालन योग्य नहीं बची है, उन्हें कंडम घोषित कर हटाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल खस्ताहाल हो चुकी बसों को रामपुर में स्थित एचआरटीसी की वर्कशाॅप में खड़ा कर दिया है। पिछले लंबे समय से ये बसें वर्कशॉप में ही खड़ी हैं।
एचआरटीसी के पास पहले ही कई रूटों पर बसों की कमी बनी हुई है। ऐसे में चार बसें हटने के बाद कुछ रूट प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि निगम प्रबंधन का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था कर यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
एचआरटीसी ऊना के उपमंडलीय प्रबंधक सुरेश धीमान ने बताया कि सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।