ऊना। पिछले वर्ष मानसून के दौरान भारी बारिश से जलभराव के चलते ठप पड़ गए पेखुबेला सोलर प्लांट ने दोबारा से बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है। 32 मेगावाट क्षमता वाले इस सोलर प्लांट से दोबारा ग्रिड में बिजली की आपूर्ति शुरू होने से प्रदेश की प्रमुख सौर ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल इस प्रोजेक्ट को नई रफ्तार मिली है।
करीब 220 करोड़ रुपये की लागत से विकसित पेखुबेला सोलर प्लांट पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान जलभराव की चपेट में आ गया था। प्लांट परिसर में पानी भरने से कई महत्वपूर्ण विद्युत उपकरण, इनवर्टर और अन्य मशीनरी प्रभावित हो गई थी। इसके चलते बिजली उत्पादन पूरी तरह बंद करना पड़ा था। घटना के बाद प्लांट की डिजाइन, सुरक्षा व्यवस्था और जल निकासी प्रणाली को लेकर भी सवाल उठे थे। पिछले वर्ष की घटना से सबक लेते हुए मानसून के दौरान जलभराव की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ड्रेनेज व्यवस्था और सुरक्षा उपायों को भी मजबूत किया गया है।
अब प्रभावित उपकरणों को बदलने और आवश्यक तकनीकी सुधार के बाद प्लांट से फिर बिजली उत्पादन शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, बारिश और घने बादलों वाले दिनों में सौर विकिरण कम मिलने से बिजली उत्पादन सामान्य से कम रहता है जबकि मौसम साफ रहने और तेज धूप निकलने पर प्लांट अपनी निर्धारित 32 मेगावाट क्षमता के अनुरूप उत्पादन करने में सक्षम है।
पेखुबेला सोलर प्लांट के अधिकारियों ने बताया कि बिजली का उत्पादन शुरू हुआ है। गर्मी के मौसम के दौरान 32 मेगावाट का सोलर प्लांट पूरी बिजली तैयार कर रहा था। वर्तमान में बरसात के मौसम में रेडिएशन कम होने के कारण बिजली की उत्पादन क्षमता में गिरावट आई है। यह रूटीन की प्रक्रिया है। सोलर प्लांट से बिजली का उत्पादन रेडिएशन के आधार पर होता है।