ऊना। बरसात के बीच तबाही मचाती खड्डों का उफान रोकने में बड़ी लापरवाही सरकारों की भी सामने आई है। जिला में खड्डों के तेज उफान से हो रहे नुकसान के लिए सरकार की लेटलतीफी भी बड़ी जिम्मेदार है। सरकार ने न तो बीते वर्ष की बरसात में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मरम्मत कार्यों का बजट जारी किया है। दूसरी ओर खड्डों के बेलगाम बहाव पर लगाम के लिए पांचवें चरण के तटीकरण योजना की राशि को भी जारी नहीं किया गया। यह बड़ी विडंबना जिला के लोगों के लिए किसी आफत से कम नहीं है। यहां जिला में स्वां बेसिन से जुड़ने वाली 10 खड्डों के फेज-पांच तटीकरण को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 339.25 करोड़ अनुमानित बजट राशि आज दिन तक जारी नहीं हो पाई है।
स्वां रिवर फ्लड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट, सर्कल ऊना ने बाकायदा पूरी औपचारिकताओं के साथ प्रस्ताव बनाकर भेजा हुआ है। इन खड्डों के तटीकरण कार्य से क्षेत्र के 21 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। स्वां नदी के उफान से कुल 1207 हेक्टेयर भूमि बचेगी और करीब 643 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पूर्ण रूप से उपजाऊ बनेगी। बरसात एवं बारिश के दिनों में इन खड्डों के उफान से फसलें बर्बाद नहीं होंगी। इसके अलावा जिला की कई खड्डों को पूरे तटीकरण का इंतजार है। बड़ी योजना के लिए विभाग को राशि का इंतजार है तो बीती बरसात वर्ष 2023 में भी जिला की कई खड्डों को हुए 4.50 करोड़ के नुकसान की राशि आज दिन तक नहीं मिल पाई। इस बार की बरसात ने कहर ढाया तो डेढ़ करोड़ के नुकसान का अनुमान विभिन्न खड्डों में आए लांच आदि से हुआ है, लेकिन मरम्मत कार्यों से लेकर नई योजना के लिए स्वां रिवर फ्लड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट सर्कल ऊना के हाथ खाली हैं।
-
विभिन्न खड्डों के तटीकरण और मरम्मत कार्यों के लिए राशि का इंतजार विभाग को है, लेकिन आज दिन तक राशि नहीं मिलने से ये कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। आशा है जल्द इन राशियों को मंजूरी मिलेगी।
-हीना सभ्रवाल, अधीक्षण अभियंता, स्वां रिवर फ्लड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट, सर्कल ऊना