ऊना। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इस समय आलू की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर आलू के पौधों की अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पा रही है जिससे किसानों को उत्पादन घटने की आशंका सता रही है। किसानों का कहना है कि इस बार कुछ क्षेत्रों में समय पर सिंचाई न हो पाने के कारण पौधों की वृद्धि प्रभावित हुई है। जिन खेतों में नियमित सिंचाई और देखभाल की गई है, वहां फसल की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है जबकि देर से पानी मिलने वाले खेतों में पौधे कमजोर और छोटे नजर आ रहे हैं। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने महंगे और प्रमाणित बीज का उपयोग किया था लेकिन उसके अनुरूप पौधों की वृद्धि नहीं हो रही। सामान्य तौर पर इस समय तक पौधों की ऊंचाई और पत्तियों का फैलाव बेहतर होना चाहिए था लेकिन कई जगह पौधे अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई दे रहे हैं।
उत्पादन पर असर की आशंका
किसानों में रवि कुमार, मदन लाल, अश्वनी सैनी, सतविंद्र सिंह, विजय कुमार, सतीश कुमार के अनुसार जिले में आलू की फसल आमतौर पर शानदार उत्पादन देती है और दो माह में तैयार होने वाली यह फसल नकदी आय का प्रमुख साधन मानी जाती है। इस बार पौधों की कमजोर वृद्धि को देखते हुए उत्पादन में गिरावट की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने प्रशासन व कृषि विभाग से मांग की है कि खेत स्तर पर निरीक्षण कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाए ताकि शेष फसल को बचाया जा सके और संभावित नुकसान को कम किया जा सके।