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Una News: तीसरे दिन करनी पड़ रही आलू की फसल की सिंचाई, लागत खर्च बढ़ा

Wed, 28 Oct 2026 12:17 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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चकसराय (ऊना)। जिला ऊना में लगातार मौसम साफ रहने और बारिश न होने के कारण आलू उत्पादक किसानों को हर तीसरे दिन खेतों में फसल की सिंचाई करनी पड़ रही है। इन दिनों आलू की फसल में कंद बनने की प्रक्रिया शुरू होने के चलते खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखना किसानों के लिए जरूरी हो गया है। नमी की कमी से फसल के विकास पर असर पड़ने की आशंका के चलते किसान सिंचाई के साथ खाद प्रबंधन पर भी ध्यान दे रहे हैं।
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मंगलवार को क्षेत्र के कई किसान आलू के खेतों में सिंचाई से पहले थोड़ी मात्रा में यूरिया खाद डालते नजर आए। किसान खाद डालने के अगले दिन फसल की सिंचाई कर रहे हैं ताकि फसल को जरूरत के अनुसार नमी मिल सके। किसानों के अनुसार पिछले कई दिनों से मौसम साफ रहने के कारण खेतों की मिट्टी जल्दी सूख रही है। ऐसे में आलू की फसल को पर्याप्त नमी उपलब्ध करवाने के लिए बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है, इससे समय और मेहनत के साथ सिंचाई का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
कृषि प्रसार अधिकारी ऊना चंदन कुमार शर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि आलू की फसल में सिंचाई और खाद का इस्तेमाल मिट्टी में नमी, फसल की अवस्था तथा खेत की जरूरत को ध्यान में रखकर करें। कंद बनने के समय पर्याप्त नमी बनाए रखना जरूरी है लेकिन खेत में जरूरत से अधिक पानी जमा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान यूरिया खाद का इस्तेमाल कृषि विभाग की अनुशंसा के अनुसार ही करें। यदि पौधों में पीलापन, मुरझाने या रोग के लक्षण दिखाई दें तो किसान कृषि विभाग के विशेषज्ञों से सलाह लेकर उचित कदम उठाएं।
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आलू की फसल में इन दिनों कंद बनने का समय है। ऐसे में खेतों में नमी बनाए रखना बेहद जरूरी है। मौसम लगातार साफ रहने के कारण तीसरे दिन सिंचाई करनी पड़ रही है। सिंचाई से पहले खेत में जरूरत के अनुसार थोड़ी मात्रा में यूरिया खाद डालते हैं और अगले दिन पानी लगाते हैं।
-जीवन कुमार, किसान, बैरियां


आलू की अच्छी पैदावार के लिए समय पर सिंचाई और फसल की उचित देखभाल जरूरी है। इन दिनों कंदों के विकास के लिए खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखना प्राथमिकता है। बारिश न होने के कारण सिंचाई का अंतराल कम हो गया है।
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- प्रिंस ठाकुर, किसान, चौकीमन्यार
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