जोगिंद्रनगर नागरिक अस्पताल में संसाधनों की कमी बनी चुनौती
मरीजों के उपचार से लेकर सुविधाओं में सुधार के लिए बजट का अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में मरीजों के उपचार और व्यवस्थाओं के लिए बजट की कमी गंभीर समस्याओं का कारण बन रही है। रोगी वार्डों में बिस्तर जंग लगे और खराब स्थिति में हैं, जबकि बहुमंजिला भवन की छत और दीवारों में बारिश के रिसाव के कारण जीवन रक्षक उपकरण और दवाएं भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। दवा भंडारण कक्ष तक पानी का रिसाव होने लगा है।
अस्पताल के शल्य चिकित्सा, लेबर रूम और अन्य उपचार संबंधी भवन मरम्मत की कमी के कारण खस्ताहाल स्थिति में हैं। 1940 के दशक में निर्मित इस अस्पताल में पांच ब्लॉकों में पांच रोगी वार्ड और टीबी उपचार तथा गंभीर रोगियों के लिए आपातकालीन वार्ड मौजूद हैं। लेकिन संसाधनों की कमी से उपचार प्रभावित हो रहा है।
रोगी वार्डों के बिस्तर खोखले हो चुके हैं, दवाओं की खरीदारी के लिए बजट का अभाव परेशानियां बढ़ा रहा है। अस्पताल के बहुमंजिला भवन का रंग रोगन पांच से अधिक वर्षों से नहीं हुआ है, खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं और शौचालय भी बदहाल हैं। डॉ. विकास नाथ एसएमओ नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के अनुसार मरीजों के उपचार और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए योजना तैयार की गई है। स्वास्थ्य विभाग यथासंभव सहयोग कर रहा है। नए विकासात्मक कार्यों के लिए बजट की मांग विभाग से की गई है। वर्तमान में अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ और निःशुल्क दवाओं की सुविधा मिल रही है।
मुख्य चिकित्साधिकारी जिला मंडी डॉ. दीपाली शर्मा ने बताया कि जोगिंद्रनगर अस्पताल भवन के रंग रोगन और अन्य समस्याओं की जानकारी अस्पताल प्रबंधन से हासिल करने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मरीजों के हित में बजट खर्च करने को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग हमेशा तत्पर रहा है।