दौलतपुर चौक (ऊना)। दयोली सहकारी सभा के 11.70 करोड़ रुपये के घोटाले का मुद्दा जनमंच कार्यक्रम में खूब गर्माया। सभा के प्रधान सुरेंद्र सिंह ने धीमी गति से हो रही जांच पर सवाल उठाए। साथ ही इसकी जांच एएसपी विजिलेंस सागर चंद्र से करवाने की मांग की।
विस उपाध्यक्ष हंसराज ने मौके पर ही दियोली सहकारी सभा के 11.70 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच एएसपी विजिलेंस सागर चंद्र को सौंपने के आदेश दिए। साथ ही डीसी और एसपी को इसकी मॉनीटरिंग खुद करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। लोगों को भरोसा कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोसाइटी में घपले की बू आ रही है। ऐसे में जांच अनिवार्य है। आम जनता के खून-पसीने की कमाई का एक-एक पैसा वापस दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब हर साल ऑडिट होता है तो फिर गड़बड़ कैसे हुई। इस पर विभाग के अधिकारी ने कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
इस मामले में विधायक ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने घोटाले को शर्मनाक बताते जनता को भरोसा दिलाया कि खाताधारकों की पाई-पाई लौटाई जाएगी। जनमंच में कुछ लोगों ने राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार का मामला भी उठाया। इस पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉरलेंस नीति अपना रही है। किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि खड्डों के किनारे बसे गांवों या आबादी का पता लगाया जाए। उनके लिए रास्ता निकालने का प्रबंध किया जाए। इसके अलावा चलेट निवासी अशोक कुमार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि न मिलने की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही उनके खाते में राशि आ जाएगी। चलेट निवासी बलदेव सिंह ने दलित बस्ती के लिए पुश्तैनी रास्ते बंद करने की शिकायत की।
इस मामले पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह पुलिस स्टेशन में विजिलेंस विभाग के अधिकारियों के नंबर अंकित किए होते हैं, उसी तर्ज पर हर पटवार घर, कानूनगो कार्यालय और तहसीलदार कार्यालय में विजिलेंस के नंबर अंकित किए जाएं। रिश्वत मांगने पर पीड़ित इन नंबरों पर विजिलेंस विभाग में शिकायत कर सकता है।