गगरेट (ऊना)। पिरथीपुर में सरकारी भूमि पर कथित अवैध खनन को लेकर करीब आठ माह पहले की गई शिकायत पर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। शिकायत की जांच के लिए निशानदेही की प्रक्रिया कई बार प्रस्तावित होने के बावजूद सोमवार को भी निशानदेही नहीं हो सकी।
इससे शिकायतकर्ता और मौके पर मौजूद ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।करीब आठ माह पहले तत्कालीन पंचायत की ओर से एक स्टोन क्रशर के संबंध में जिला प्रशासन को शिकायत दी गई थी। शिकायत में सरकारी भूमि पर कथित रूप से खनन किए जाने की बात कही गई थी।
इसके बाद मामला राजस्व और खनन विभाग के स्तर पर प्रक्रिया में रहा लेकिन अभी तक भूमि की निशानदेही के माध्यम से वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ सकी है। सोमवार को निशानदेही के लिए निर्धारित तारीख की जानकारी शिकायतकर्ता को नहीं होने की बात सामने आई।
शिकायतकर्ता और मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई है, उससे जुड़े व्यक्ति को प्रक्रिया की जानकारी मिलना जरूरी है। ग्रामीणों ने मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की। निशानदेही से पहले कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने को लेकर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड और मौके की निशानदेही से यह स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित भूमि की स्थिति क्या है और वहां किसी प्रकार का खनन हुआ है या नहीं। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले की निशानदेही जल्द करवाकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
तहसीलदार घनारी कुलताज सिंह ने कहा कि निशानदेही की सूचना देना राजस्व विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसकी जिम्मेदारी खनन विभाग की है।
निशानदेही के दौरान संबंधित लोगों से नियमानुसार हस्ताक्षर करवाए जाते हैं, जिसे उनकी उपस्थिति माना जाता है। सोमवार को निशानदेही क्यों नहीं हो पाई, इसकी जानकारी लेकर पूरे मामले को देखा जाएगा।