गांववासियों ने प्रस्ताव पारित कर गांव की एकता को छिन्न-भिन्न न करने की लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। प्रदेश सरकार ने पंचायतों के पुनर्गठन के लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मंगवाने का जिन्न बोतल से बाहर क्या निकाला कि कई पंचायतों में आपसी सौहार्द हिलने लगा है। विकास खंड गगरेट की ग्राम पंचायत अंबोटा के पुनर्गठन को लेकर भेजे गए प्रस्ताव पर गांववासी आपस में बंट कर रह गए हैं। इस गांव की एकता की मिसाल हर जगह दी जाती थी। क्षेत्र की सबसे बड़ी पंचायत में लोग इस मुद्दे पर एक-दूसरे को आंखें दिखाने लगे हैं। शुक्रवार को भी इस मुद्दे को लेकर कई गांववासी ग्राम पंचायत कार्यालय में एकत्रित हुए और बाकायदा प्रस्ताव पारित कर प्रदेश सरकार को गांव की आपसी एकता व सौहार्द को छिन्न-भिन्न न करने की गुहार लगाई। पूर्व जिला परिषद सदस्य अश्विनी ठाकुर, पूर्व ग्राम पंचायत प्रधान सुरेंद्र सिंह कंवर, पूर्व बीडीसी सदस्य सुरम सिंह, शहीद भगत सिंह क्लब के प्रधान मुनीष ठाकुर, राकेश ठाकुर, ठाकुर हरदीप सिंह, रणजोध सिंह, हरीश ठाकुर, अजय ठाकुर, राजीव कुमार, संजीव कुमार, रंजीत सिंह, राजेश ठाकुर, नीशु सूद सहित अन्य लोगों ने कहा कि ग्राम पंचायत अंबोटा का अपना इतिहास है और धार्मिक महत्व से भी यह पंचायत दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। ग्राम पंचायत अंबोटा में स्थित धार्मिक स्थल शिवबाड़ी में लोगों की अगाध आस्था है। शायद कुछ लोग अपने व्यक्तिगत हित साधने के लिए इस पंचायत के विघटन पर उतारू हैं। ग्राम पंचायत अंबोटा का श्मशानघाट तक शिवबाड़ी में है, तो शिवबाड़ी पूरे गांव की धरोहर है। अगर इसे अलग कर अलग ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाता है तो इसके साथ से अंबोटा का नाम सदा-सदा के लिए हट जाएगा। गांववासी ऐसी परिस्थितियां कभी पैदा नहीं होने देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, पंचायती राज मंत्री व विधायक राकेश कालिया से मांग की है कि अंबोटा गांव से जुड़े धार्मिक महत्व के शिवबाड़ी को अलग करने की साजिश को रोका जाए। गांववासियों ने अंबोटा की एकता को लेकर नारेबाजी भी की।