ऊना। पीरनिगाह मंदिर के अधिकार को लेकर ग्राम पंचायत बसोली के ग्रामीणों का आंदोलन सोमवार को लगातार छठे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने अब मिनी सचिवालय के बजाय एमसी पार्क ऊना में धरना देकर प्रशासन के खिलाफ जमकर रोष जताया।
प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि जब तक मंदिर के अधिकार को लेकर उनकी मांग का समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। दरअसल, इससे पहले बसोली के ग्रामीण पीरनिगाह मंदिर के अधिकार को लेकर मिनी सचिवालय ऊना में उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे।
प्रशासन की ओर से मिनी सचिवालय परिसर में धारा 163 लागू किए जाने के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन एमसी पार्क में स्थानांतरित कर दिया।
सोमवार को छठे दिन भी बड़ी संख्या में ग्रामीण एमसी पार्क में जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। ग्राम पंचायत प्रधान सतनाम, प्रदर्शनकारी चमन लाल ने प्रशासन पर ग्रामीणों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पिछले छह दिनों से ग्रामीण धरने पर बैठे हैं लेकिन प्रशासन की ओर से उनकी समस्या का समाधान करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही।
उन्होंने कहा कि कड़ी धूप में बुजुर्गों और महिलाओं को भी धरने पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण मंदिर के अधिकार को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा न्यायालय के आदेशों का हवाला दिया जा रहा है, ऐसे में अब प्रशासन को ही इस पूरे विवाद का समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि ग्रामीण अपने अधिकार के लिए आंदोलन को और तेज करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। वहीं प्रदर्शनकारी शिखा ने दावा किया कि पीरनिगाह मंदिर ग्रामीणों की जमीन पर बना है और इस मामले में ग्रामीण पहले भी न्यायालय में कानूनी लड़ाई जीत चुके हैं।
उनका कहना है कि मंदिर पर ग्रामीणों का अधिकार है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है।