दौलतपुर चौक (ऊना)। एचआरटीसी की बसों के रखरखाव के दावों की रविवार को दौलतपुर में फिर पोल खुल गई। दौलतपुर से तलवाड़ा जा रही यात्रियों से भरी जेएनएनयूआरएम की बस का टायर अड्डे से महज 200 मीटर की दूर पर फट गया।
जोरदार धमाके के बाद चालक ने बस को संभालकर सड़क किनारे खड़ा किया लेकिन घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है।
गुस्साए लोगों ने कहा कि जब बसों के टायर रूट पर निकलने लायक नहीं हैं तो निगम उन्हें यात्रियों को लेकर सड़क पर दौड़ा किस भरोसे पर रहा है। कुछ दिन पहले ऊना में पंक्चर हुई एचआरटीसी बस में स्टेपनी तक नहीं मिलने का मामला भी सामने आ चुका है।
यानी एक तरफ टायर जवाब दे रहे हैं तो दूसरी तरफ आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम भी नाकाफी हैं।
जेएनएनयूआरएम की बस सुबह करीब सात बजे दौलतपुर बस अड्डे से तलवाड़ा के लिए रवाना हुई। बस अड्डे से महज 200 मीटर आगे पहुंचते ही बस का पिछला टायर फट गया। बस का टायर फटने की तेज आवाज से बस में सवार यात्री भी घबरा गए।
टायर फट जाने के बाद यात्रियों को उसी रूट पर जा रही दूसरी बस में भेजा गया। करीब चार घंटे के बाद जेएनएनयूआरएम बस के टायर की व्यवस्था हुई, जिसके बाद बस आगे के लिए रवाना हुई। स्थानीय निवासी राकेश कुमार, सतीश कुमार, विनोद कुमार और रजत ने कहा कि एचआरटीसी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर दावे कर रहा है, लेकिन निगम की बसें खुद असुरक्षित टायरों के सहारे चल रहीं हैं। बसों को रूट पर भेजने से पहले टायर, ब्रेक, स्टीयरिंग और अन्य जरूरी तकनीकी हिस्सों की पूरी जांच की जानी चाहिए।
प्रबंधन से मांग की है कि तकनीकी रूप से पूरी तरह फिट होने के बाद ही बसों को रूट पर भेजा जाए, ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित रहे।