अस्थियां विसर्जन करने वाले यात्रियों समेत अन्य को झेलनी पड़ रही परेशानी
रात नौ बजे है पहुंचने का समय, लेट होने से यात्रियों को लग रही चपत
अंब अंदौरा से हरिद्वार का किराया है मात्र 75 से 85 रुपये
बस में सफर करने पर लगते हैं 500 से 600 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। अंब अंदौरा रेलवे स्टेशन से हरिद्वार वाया सरहिंद जक्शन चलने वाली पैसेंजर रेलगाड़ी रोजाना एक से डेढ़ घंटा देरी से पहुंच रही है। इससे अस्थियां विसर्जन करने वाले यात्रियों समेत अन्य को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऊना जिला ही नहीं बल्कि हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और चंबा जिला के भी कई यात्री ट्रेन नंबर 64512 (एनएलडीएम एसआरई मेमू) से हरिद्वार जाते हैं। अंब अंदौरा स्टेशन से रेलगाड़ी दोपहर 1:35 बजे प्रस्थान करती है जबकि हरिद्वार पहुंचने का समय रात 9:00 बजे है। अंब अंदौरा से हरिद्वार का किराया मात्र 75 से 85 रुपये है लेकिन रेलगाड़ी के देरी से पहुंचने पर यात्रियों को असुविधा का सामना करते हुए महंगे होटलों में रात गुजारनी पड़ रही है। जुलाई 2025 में सांसद अनुराग ठाकुर ने जनता की मांग पर रेलगाड़ी की सुविधा दिलाई थी। रेलगाड़ी की सुविधा मिलने के बाद लोगों को काफी राहत मिली थी। इससे पहले लोगों को बस के माध्यम से महंगे किराये पर जाना पड़ता था। हरिद्वार जाकर लौटे यात्रियों के अनुसार देरी से पहुंचने का सिलसिला पिछले एक महीने से लगातार जारी है। यात्रियों ने अंबाला और मुरादाबाद दोनों रेलवे मंडलों से आह्वान किया है कि वह जल्द समस्या का समाधान करें ताकि लोगों को राहत मिल सके।
कोट्स
मामला ध्यान में आ गया है। पैसेंजर ट्रेन किस कारण से देरी से पहुंच रही है, मॉनिटरिंग कर इसकी जांच करवाई जाएगी। जनता की सुविधा को रेलवे बोर्ड गंभीर है। जल्द जनता की समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। -नवीन झा, वरिष्ठ डीसीएम, अंबाला रेलवे प्रभाग।
यात्री बोले-
ट्रेन से आधे हिमाचल के लोग सफर करते हैं। हरिद्वार देरी से पहुंचने पर काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं। रेलवे विभाग से अपील है कि जल्द समस्या का समाधान करवाया जाए। - अरुण कौशल, समाजसेवी, निवासी धुंधला गावं
कोट्स
जब से ट्रेन की सुविधा मिली है। अंब से मात्र 75 रुपये में हरिद्वार पहुंच रहे हैं। लेकिन समय पर न पहुंचने से आर्थिक चपत लग रही है। होटल व सराय में जाकर रात गुजारनी पड़ रही है। -मोहित चौधरी, निवासी शिवपुर गांव
जनता के लिए यह रेलगाड़ी वरदान बनी हुई है। पहले बस में 500 से 600 रुपये किराया लगता था लेकिन ट्रेन से महज 100 रुपये के अंदर हरिद्वार पहुंच रहे हैं। -पंकज, मलाहत, निवासी ऊना