खुद प्रशिक्षित होकर 40 महिलाओं को भी दिया प्रशिक्षण
12 से 15 हजार रुपये कमा रही प्रतिमाह
महिलाएं भी हर माह कमा रही छह से आठ हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। पनोह क्षेत्र की कविता ने पीएनबी आरसेटी के माध्यम से ट्रेनिंग प्राप्त कर अब स्वयं मास्टर ट्रेनर के रूप में अपनी पहचान बना ली है। कटिंग-टेलरिंग और कढ़ाई में दक्षता हासिल करने के बाद उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की 40 महिलाओं को भी प्रशिक्षित किया है। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अब घर पर ही बच्चों और विशेषकर महिलाओं के कपड़ों की सिलाई कुशलतापूर्वक कर रही हैं।
कविता का कहना है कि उन्होंने पीएनबी आरसेटी में एक वर्ष का प्रशिक्षण लेकर न केवल अपना स्वरोजगार स्थापित किया, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दिया। वर्तमान में कुछ युवतियां सिलाई-कढ़ाई में रुचि रखते हुए बटन लगाना, काज करना और कपड़े की कटाई जैसे छोटे-छोटे कार्य सीख रही हैं।
आत्मनिर्भर बन चुकी महिलाएं प्रतिमाह 12 से 15 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं, जबकि नई सीखने वाली युवतियां भी प्रशिक्षण के साथ 6 से 7 हजार रुपये कमा रही हैं। क्षेत्र की महिलाएं खेतीबाड़ी के साथ-साथ इस कार्य को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। कई ग्राहक अपने सूटों पर कढ़ाई कार्य भी करवाते हैं, जिससे अतिरिक्त आय होती है।
किरण माला, अनीता देवी, प्रवीण कुमारी, मीना कुमारी, कृष्णा देवी और सीता देवी का कहना है कि कविता ने उन्हें कटिंग-टेलरिंग और कढ़ाई का कौशल सिखाकर आत्मनिर्भर बनाया है। मास्टर ट्रेनर कविता देवी के अनुसार इस कार्य में अधिक पूंजी की आवश्यकता नहीं होती। मेहनत और हुनर के बल पर महिलाएं अपना जीवन स्तर सुधार रही हैं और घर बैठे ही खेतीबाड़ी के साथ अतिरिक्त धन अर्जित कर रही हैं, जो उनके लिए सोने पर सुहागा साबित हो रहा है।