ऊना। किराये की दुकान खाली न करने और किराया चुकता न करने की सूरत में सिविल जज कोर्ट नंबर दो ऊना शाविक घई की अदालत ने 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से 6% प्रतिवर्ष ब्याज सहित पहली नवंबर 2019 से वसूली करने का फैसला सुनाया है। राम दास पुत्र राम मूर्ति, निवासी ग्राम डठवाड़ा तहसील एवं जिला ऊना वादी विवादित दुकान परिसर का मालिक है और प्रतिवादी पिरथी चंद पुत्र बाल कृष्ण (दुकानदार), निवासी ग्राम एवं डाकघर धमांदरी को परिसर के लिए 500 रुपये के मासिक किराये पर किरायेदार के रूप में रखा गया था। प्रतिवादी परिसर का उपयोग फल और सब्जियां बेचने के व्यवसाय के लिए करता आया है लेकिन किराया नहीं चुका रहा था। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद नियमित रूप से किराया देने में विफल रहा। वादी सेवानिवृत्त होने के बाद अपने निजी उपयोग के लिए विवादित परिसर की आवश्यकता रखता है और परिसर का उपयोग अपने काम के लिए करना चाहता है। वादी का यह भी कहना है कि प्रतिवादी के आचरण के कारण किरायेदारी समाप्त करने का निर्णय लिया और तदनुसार तीन अक्तूबर 2019 को पंजीकृत डाक द्वारा एक कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें प्रतिवादी को परिसर खाली करने और 31 अक्तूबर 2019 तक खाली कब्जा सौंपने के लिए कहा गया। कोई भी कार्यवाही न करने की सूरत में अदालत ने वादी और प्रतिवादी के अधिवक्ताओं की तमाम दलीलें सुनने के बाद वादी के पक्ष में फैसला सुनाया।