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Una News: मिड-डे मील परियोजना के नियमित निरीक्षण के आदेश

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किस कारण बच्चों को भोजन नहीं वितरित हुआ, इसकी देनी होगी जानकारी
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खाने में बच्चों के लिए पोषण का विशेष ध्यान रखने की हिदायत
स्कूल प्रबंधकों ने कहा, बिन बजट कैसे पूरा करें पोषित भोजन के मानक

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले में एक ओर स्कूल प्रबंधक छोटी कक्षाओं से आठवीं तक पढ़ने वाले बच्चों के लिए मिड-डे मील के बजट की मांग कर रहे हैं तो शिक्षा निदेशालय की ओर से निर्देश जारी हुए हैं कि बच्चों को केवल पोषण युक्त भोजन ही परोसा जाए। हालांकि, ये निर्देश बच्चों के स्वास्थ्य के लिहाज से आवश्यक हैं, लेकिन बिना बजट के स्कूल प्रबंधक इन मानकों को पूरा कैसे करेंगे, यह एक बड़ा सवाल है।
जानकारी के अनुसार स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रतिदिन वितरित होने वाले मिड-डे मील के लिए कोई नियमित बजट नहीं मिल रहा है। स्कूल प्रबंधक अपने स्तर पर या उधार राशन लेकर व्यवस्था चला रहे हैं। इस बीच 20 नवंबर को भारत सरकार के प्रतिनिधियों की स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक में सामने आया कि कई स्कूलों में नियमित भोजन वितरण नहीं हो रहा है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे पीएम पोषण एप के माध्यम से मिड-डे मील से जुड़ी प्रतिदिन की जानकारी ऑनलाइन अपडेट करें। यदि किसी दिन बच्चों को भोजन वितरित नहीं किया जाता है तो उसका कारण भी स्पष्ट करना होगा। इसमें यह जानकारी भी देना होगी कि राशन खत्म होने, स्थानीय छुट्टी या भोजन पकाने के लिए ईंधन न होने जैसी स्थिति रही है या नहीं। इस औपचारिकता की जिम्मेदारी मिड-डे मील इंचार्ज की होगी और कोताही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने बताया कि मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर सरकार और विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों को इस कार्यक्रम से संबंधित बजट जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही भोजन की गुणवत्ता और इससे जुड़ी जानकारी ऑनलाइन साझा करने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
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