माता चिंतपूर्णी के दरबार में अष्टमी और रामनवमी पर 56 प्रकार का भोज लागत और पूजा अर्चना करते एसड
भरवाईं (ऊना)। चैत्र नवरात्र अष्टमी पर्व पर विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर माता रानी की पावन पिंडी को दोपहर के समय स्नान करवाया गया और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्त माता के जयकारों के साथ मंदिर में पहुंचते रहे और दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते रहे। मंदिर प्रशासन के अनुसार अष्टमी के दिन करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने माता चिंतपूर्णी के दरबार में शीश नवाया। अष्टमी के उपलक्ष्य में मंदिर में हवन का भी आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में बने हवन कुंड में पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां डाली गईं। पूजा-अर्चना के बाद नारियल की बलि भी दी गई। सुबह 10 बजे शुरू हुई विशेष पूजा-अर्चना दोपहर करीब साढ़े बजे तक चली, जिसके बाद आरती और कंजक पूजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में पंडित राम कुमार कोल, पुजारी रविंद्र छिन्दा, संदीप कालिया, मनोज कालिया अमित कालिया, भूपण कालिया सहित अन्य पुजारियों ने विधिवत पूजा-अर्चना करवाई। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने दुर्गा अष्टमी के उपलक्ष्य पर सभी को बधाई दी और कहा कि चैत्र नवरात्र में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन किए और पूजा अर्चना की।