ऊना। अब विभागों के अधिकारी भी अदालती मामलों की स्थिति की निगरानी कर सकेंगे। इसके लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी और शासन विभाग द्वारा लिटिगेशन मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) के तहत जिला स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए सोमवार को ऊना में छह दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई।
21 दिसंबर तक चलने वाली कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को एलएमएस के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि लिटिगेशन मैनेजमेंट सिस्टम (एलआईएमएस) एक सॉफ्टवेयर है, जिसका इस्तेमाल मुकदमेबाजी से जुड़े कामों को मैनेज करने के लिए किया जाता है। एलएमएस की मदद से अदालती मामलों की स्थिति की निगरानी की जा सकती है।
इस कार्यशाला अधिकारियों को कोर्ट में दायर होने वाले मामलों को एलएमएस पर एंटर करने और उनकी मॉनिटरिंग के तरीके से अवगत करवाया जाएगा। कार्यशाला के पहले दिन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में ई-जिला प्रबंधक साहिल शर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को लिटिगेशन मैनेजमेंट सिस्टम के इस्तेमाल के बारे में बताया।
उन्होंने बताया कि सभी विभागों को अपने संबंधित कोर्ट केसों को समय पर एलएमएस पर दर्ज करना चाहिए, ताकि इन मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जा सके। इस अवसर पर जिला आयुष, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, पुलिस, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, प्रारंभिक शिक्षा, पशुपालन, उद्यान, कृषि और राजस्व विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।