ऊना। जनगणना-2027 की तैयारियों को गति देते हुए जिला प्रशासन ऊना ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड गतिविधियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी जिला ऊना जतिन लाल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि जनगणना-2027 एक समयबद्ध राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके तहत नियुक्त प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने नियमित सरकारी कार्यों के साथ जनगणना संबंधी दायित्वों का भी निर्वहन करेंगे।
जारी निर्देशों के अनुसार सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के नियमित कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए जनगणना से संबंधित सर्वेक्षण, सत्यापन और अन्य फील्ड गतिविधियां सामान्य कार्यालय अथवा विद्यालय समय के बाद, अवकाश के दिनों में या अन्य सुविधाजनक समय पर संपन्न की जाएंगी। पत्र में उपमंडल अधिकारियों, तहसीलदारों, कार्यकारी अधिकारियों, नगर पंचायत सचिवों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विशेष परिस्थितियों में, जहां भौगोलिक या अन्य वास्तविक बाधाओं के कारण कार्यालय समय के बाद कार्य करना संभव न हो, वहां संबंधित अधिकारी कार्य समय के दौरान भी जनगणना कार्य कर सकेंगे। हालांकि ऐसे मामलों में सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी।
ध्यान रहे कि हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों को स्कूल समय के बाद जनगणना के कार्य में लगाने के आदेशों का विरोध किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि ये आदेश वापस नहीं लिए गए तो शिक्षक जनगणना कार्य का बहिष्कार करेंगे। संघ का मानना है कि जनगणना का कार्य स्कूल समय के बाद पूरा करना असंभव है। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा है कि जनगणना कार्य का बोझ बहुत अधिक है। इसे स्कूल समय के बाद किसी भी स्थिति में पूरा नहीं किया जा सकता।
उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी विभाग आवश्यक सहयोग और समन्वय बनाए रखें और किसी प्रकार की दुविधा होने पर उच्च अधिकारियों को संपर्क करें।