जिले के सबसे बड़े अस्पताल में एक ही स्टाफ नर्स तैनात
जीएनएम नर्स का भी एक पद चल रहा खाली
अस्पताल प्रबंधन ने नर्स की तैनाती को लेकर उच्च अधिकारियों के समक्ष रखी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के सबसे बड़े आयुर्वेदिक अस्पताल में समय के साथ स्टाफ नर्सों की संख्या नहीं बढ़ पाई है। वर्तमान में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में एक ही स्टाफ नर्स तैनात है। नर्स की कमी के चलते अस्पताल प्रबंधन को भी व्यवस्थाएं बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर विभाग की तरफ से उच्च अधिकारियों को कई बार सूचित किया जा चुका है। स्टाफ नर्स का स्वीकृत पद बढ़ाने के लिए भी मांग उठाई गई है लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई विभाग की तरफ से नहीं की गई है।
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में उपचार के लिए जिलेभर से मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में स्टाफ नर्स की एक पोस्ट स्वीकृत है। इसके अलावा जीएनएम की चार पोस्ट स्वीकृत हैं। जीएनएम की पोस्टों में भी एक जीएनएम नर्स का पद खाली चल रहा है। शेष तीन में जीएनएम नर्स सेवाएं दे रही हैं। हैरानी की बात यह है कि आयुष विभाग के ईसपुर स्थित 10 बेड के अस्पताल में दो स्टाफ नर्स के पद स्वीकृत हैं। लेकिन, जिला आयुर्वेदिक अस्पताल जो 30 बेड की क्षमता का है, उसमें केवल स्टाफ नर्स का एक ही पद स्वीकृत किया गया है। इस समस्या को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों के समक्ष मांग उठाई गई है। इस मांग पर अभी तक कोई भी कार्रवाई विभाग या सरकार की तरफ से नहीं की गई है। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में रोजाना 150 लोगों की ओपीडी रहती है। साथ ही पंचकर्म सहित विभिन्न पद्धतियों से भी इस अस्पताल में उपचार किया जाता है। ऐसे में स्टाफ नर्स की कमी होने के चलते प्रबंधन को व्यवस्थाएं बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोट्स
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में स्टाफ नर्स के पदों की संख्या बढ़ाने के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों की तरफ से ही फैसला लिया जाना है। वर्तमान में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में एक ही स्टाफ नर्स का पद स्वीकृत है।
डॉ. किरण शर्मा, जिला आयुष अधिकारी