पंचायत क्षेत्र में मिलने वाली सुविधाओं से वंचित होंंगे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय के साथ लगती ग्राम पंचायत मलाहत ने भी नगर निगम में शामिल होने पर विरोध जताया है। रविवार को पंचायत घर में एकत्रित होकर ग्रामीणों ने इस फैसले पर रोष प्रकट किया। इससे पूर्व रायंसरी व कुठार कलां की तरफ से भी नगर निगम में शामिल होने पर आपत्ति जताई जा चुकी है।
ग्रामीणों ने सरकार से समक्ष मांग उठाते हुए कहा कि इस फैसले पर सरकार को फिर से विचार करना चाहिए। सरकार की तरफ से ऊना को नगर निगम बनाए जाने की अधिसूचना जारी की गई है। इसके लिए शहर के साथ लगती पंचायतों को नगर निगम में शामिल होने के लिए पत्र जारी किए गए हैं। मलाहत पंचायत की ओर से भी नगर निगम ऊना में शामिल किए जाने को लेकर इसका विरोध किया गया। गांव के लोगों ने रविवार को एकत्रित होकर पंचायत बुलाकर एकजुट होकर नगर निगम ऊना में शामिल किए जाने का विरोध किया। गांव के लोगों ने बताया कि उनके गांव में ज्यादातर लोग खेतीबाड़ी और दिहाड़ी मजदूरी कर अपना पेट पाल रहे हैं। नगर निगम ऊना में शामिल किए जाने के बाद अधिक टैक्सों की भरमार पड़ेगी। वहीं, सरकार की ओर से मिलने वाली अन्य सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ेगा। लोगों को अपना काम करवाने के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ेगा और घर बनाने के लिए भी उन्हें कई प्रकार की प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा। अगर सरकार की ओर से जबरन उन्हें नगर निगम में शामिल किया जाता है तो इसके लिए वह अन्य पंचायत के साथ मिलकर ठोस कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। पंचायत प्रतिनिधियों ने एकत्रित होकर जल्द ज्ञापन जिला प्रशासनिक अधिकारियों को देने का फैसला लिया। इस मौके पर पंचायत उप प्रधान रविंद्र कुमार, कमल देव, रंजीत सिंह, राम सिंह, लेख राज, सतीश कुमार, राम नाथ, जसविंदर सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।