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लाखों का वाटर एटीएम बना जूता स्टैंड

Mon, 30 May 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/भरवाईं
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वाटर एटीएम मशीन की हालत। - फोटो : अमर उजाला
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चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल मुहैया करवाने के प्रशासन और विभाग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहां पुराने बस स्टैंड पर लाखों रुपये की लागत से पीने के पानी के लिए लगाया गया वाटर एटीएम जूते रखने का स्टैंड बन कर रह गया है। इस पर न तो आईपीएच विभाग गौर कर रहा है और न ही मंदिर ट्रस्ट। आलम यह है कि 30 हजार लीटर पानी की खपत वाले इस वाटर एटीएम में सिर्फ 600 लीटर पानी ही महीने में इस्तेमाल हो रहा है।
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इसके चलते आईपीएच विभाग को पानी की खपत के महीने के हजारों रुपये अदा करने पड़ रहे हैं। उधर, वाटर एटीएम को ऑपरेट करने और इसकी देखरेख करने वाला कर्मचारी भी ज्यादातर मौके से नदारद ही रहता है। प्रदेश सरकार द्वारा शक्तिपीठों में शुद्ध पेयजल मुहैया करवाने के लिए वाटर एटीएम मशीनें लगाई थीं, जो अहमदाबाद की कंपनी की ओर से स्थापित की गई थीं। इस वाटर एटीएम में 50 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से श्रद्धालु पानी ले सकते थे और महीने में तीस हजार लीटर पानी की खपत होने पर इससे मिलने वाले रुपये विभाग को अदा किए जाने थे, लेकिन चिंतपूर्णी में लगे इस वाटर एटीएम में महीने में मात्र 600 लीटर के करीब पानी ही बिक रहा है, जिससे आईपीएच विभाग को अपनी तरफ से हजारों रुपये अदा करने पड़ रहे हैं। उधर, मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने कहा कि वाटर एटीएम मशीन का रखरखाव और देखरेख मंदिर ट्रस्ट की नहीं है, आईपीएच विभाग की है। उधर आईपीएच के एसडीओ अश्वनी धीमान ने बताया कि वाटर एटीएम कंपनी ने लगाया है। तैनात कर्मचारी भी कंपनी की ओर से ही लगा हुआ है, आईपीएच का इसमें कोई रोल नहीं है, बल्कि कम पानी बिकने पर विभाग को पानी के हजारों रुपये अदा करने पड़ रहे हैं।
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