नैहरियां (ऊना)। ग्राम पंचायत ज्वार के गांव पंगलू के शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन अतुल कृष्ण ने कहा कि ईश्वर प्राप्ति के लिए मन की एकाग्रता नितांत आवश्यक है। जहां मन की हलचल है वहां एकाग्रता नहीं हो सकती। जहां एकाग्रता है वहां मन का अस्तित्व समाप्त हो जाता है। जो अपनी अंतर यात्रा की दिशा तय कर लेता है उसे भीड़ में धक्के नहीं खाने पड़ते। विरोधाभास या भ्रम में जी कर कोई भी लक्ष्य नहीं प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के कई प्रसंग तथ्यगत नहीं तत्वगत हैं, जो जीवन को यूं ही गंवा देते हैं उन्हें अंत में पश्चाताप ही करना पड़ता है। कथा में कर्दम देवहूति प्रसंग, भगवान कपिल का अवतार, यज्ञ भगवान का प्राकट्य, शिव पार्वती विवाह एवं ध्रुव को भगवत प्राप्ति का प्रसंग लोगों ने बड़ी श्रद्धा से सुना। इस अवसर पर मानसिंह ठाकुर, कुलभूषण ठाकुर, प्रकाश चंद ठाकुर सुरेंद्र राणा, प्रताप सिंह ठाकुर, रछपाल सिंह, सुमिता ठाकुर, शुभलता ठाकुर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।संवाद