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Una News: न सुरक्षा कर्मियों और न ही हो पाई स्वच्छता कर्मियों की नियुक्ति

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मातृ शिशु अस्पताल ऊना में मात्र मिल रही गायनी ओपीडी की सुविधा
ओटी से लेकर लिफ्ट और जनरेटर सेट का कार्य लंबित
अधिकारियों में आपसी समन्वय की कमी से सिरे नहीं चढ़ रहे काम
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ऊना जिला के क्षेत्रीय अस्पताल में स्थापित मदर चाइल्ड हेल्थ केयर विंग अभी तक पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाया है। विंग में न तो सुरक्षा कर्मियों की तैनाती हुई है और ना ही स्वच्छता कर्मियों की नियुक्ति। वर्तमान में केवल गायनी ओपीडी की सुविधा ही आम जनता को मिल पा रही है। इस यूनिट में 15 स्वच्छता कर्मियों और 12 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती लंबित है। इसके अलावा, 500 केवीए क्षमता वाला डीजल जनरेटर सेट भी अब तक स्थापित नहीं किया जा सका है। लोक निर्माण विभाग ने इसकी स्थापना के लिए 82.92 लाख रुपये की लागत का एक प्रस्ताव तैयार कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक को भेजा है, परंतु अब तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है। मदर चाइल्ड हेल्थ केयर विंग में स्थापित लिफ्ट का भी अब तक ट्रायल नहीं हो पाया है। लिफ्ट तो लगा दी गई है, लेकिन पिट में पानी भर जाने के कारण संचालन में बाधा आ रही है और इससे मरीजों को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही। इस समस्या की जानकारी लोक निर्माण विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके साथ ही ऑपरेशन थिएटर में डाउन सीलिंग, ओटी प्लास्टर और एमी वेंट जैसी सिविल कार्य भी अधूरे पड़े हैं, जिससे यूनिट का संचालन अटका हुआ है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में मंडी, सुंदरनगर, कुल्लू सहित कई जिलों में मदर चाइल्ड हेल्थ केयर विंग पूरी तरह से शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन ऊना जिला अभी भी इस सुविधा से वंचित है। ऐसा प्रतीत होता है कि निर्माण कार्य में लगी एजेंसियों, लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय की भारी कमी रही है। इस मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सीएमओ डॉ. एसके वर्मा और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केएस ठाकुर सहित संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है और निर्माण कार्य में देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। अब देखना होगा कि सांसद की नाराजगी के बाद संबंधित अधिकारियों पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल स्थिति यही है कि मदर चाइल्ड हेल्थ केयर विंग के पूरी तरह से शुरू न होने से जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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