उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा ऊना को मांगपत्र सौंपते मिड डे मील यूनियन व सीटू पदाधिकारी। स्रोत स्वय
कहा, कई जगह चार माह से वेतन के लिए जूझ रहे वर्कर
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद 12 के बजाय 10 माह का वेतन दिया जा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। मिड-डे मील वर्कर यूनियन और सीटू की बैठक मंगलवार को उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोमलाल धीमान के साथ हुई। यूनियन प्रधान नरेश कुमारी ने बताया कि वर्करों को कई जगह तीन-चार माह से वेतन नहीं मिला है या अधूरा मिला है। कई स्कूलों में दो-दो जगह खाना बनवाने, अध्यापकों के बर्तन धोने और चपरासी न होने पर स्कूल खोलने-बंद करने तक का काम उनसे करवाया जा रहा है। कई रसोईघर जर्जर हालत में हैं, लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा। सीटू जिला सचिव गुरनाम सिंह ने कहा कि कर्मियों को ओवरटाइम व छुट्टी नहीं मिलती और हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद 12 के बजाय 10 माह का वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाब व केरल में बेहतर वेतन दिया जा रहा, जबकि हिमाचल में 5000 की घोषित सैलरी भी पूरी नहीं मिलती। केरल में कर्मियों को 18000, हरियाणा में 7000 दिए जा रहे। केवल सीमित राशि देकर मिड डे मील कर्मियों का शोषण किया जा रहा। उन्होंने मांग उठाई कि मिड-डे मील कर्मियों को नियमित किया जाए। इस अवसर पर मिड-डे मील वर्कर यूनियन की सह सचिव सरीना देवी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। यूनियन ने मांग की कि मिड-डे मील कर्मियों को नियमित किया जाए।