नारी (ऊना)। गगरेट विधानसभा क्षेत्र के अंबोटा गांव के युवा अनुभव ने परंपरागत सोच से हटकर एक नई राह चुनी। एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद जहां अधिकतर युवा नौकरी की तलाश में भटकते हैं, वहीं अनुभव ने नौकरी की बजाय मधुमक्खी पालन को अपना व्यवसाय बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।
जानकारी के अनुसार अनुभव वर्तमान में करीब 450 मधुमक्खी बॉक्स संचालित कर रहे हैं जिनमें अनुमानित ढाई करोड़ मधुमक्खियां खुले फार्म में पाली जा रही हैं। इस व्यवसाय से वह हर माह करीब डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
पिछले वर्ष उन्होंने 300 कॉलोनियों से करीब 10 हजार किलोग्राम शहद उत्पादन किया जबकि इस वर्ष 12 से 15 हजार किलोग्राम उत्पादन की उम्मीद है। मधुमक्खी पालन को उन्होंने सिर्फ पारंपरिक ढंग से नहीं बल्कि तकनीकी तरीके से अपनाया है।
अनुभव ने इस क्षेत्र में डिप्लोमा भी किया है और मधुमक्खियों की प्रकृति, उनकी कार्यप्रणाली तथा उत्पादन से जुड़ी बारीकियों की गहरी समझ रखते हैं। उनका कहना है कि यह कम लागत और अधिक मुनाफे वाला व्यवसाय है, यदि इसे वैज्ञानिक तरीके से किया जाए।