सुमन कार्यक्रम के तहत महिलाओं और नवजात के स्वास्थ्य का रखा जा रहा विशेष ध्यान
घर द्वार पर आशा वर्करों की ओर से समय-समय पर किया जाएगा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्वास्थ्य विभाग के सुमन कार्यक्रम के तहत जिलेभर में अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम के चलते मातृ-मृत्यु दर में भी कमी आई है। वर्ष 2023-24 में पांच महिलाओं की प्रसव के दौरान मौत हुई थी लेकिन वर्ष 2024-25 में तीन महिलाओं की मौत हुई है। इस दर को शून्य पर लाने के लिए विभाग की तरफ से सुमन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी में गर्भवती महिलाओं और नवजात के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सुमन कार्यक्रम के तहत 59 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पांच नागरिक अस्पताल अधिसूचित किए गए हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं की एंटीनेटल केयर (एएनसी) जांच की जा रही है। जिले में चार एएनसी जांच का की दर 91.2 प्रतिशत पहुंच गई है। इसके अलावा आशा वर्कर के माध्यम से घर द्वार पर जाकर महिलाओं को सुमन कार्यक्रम के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही महिलाओं के प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल में समय समय पर जांच करवाने व प्रसव के लिए सरकारी अस्पतालाें का ही रुख करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका मकसद अधिक से अधिक महिलाओं का सुरक्षित प्रसव हो सके और प्रसव के बाद भी प्रसूता महिला व नवजात ही देखभाल स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में सही प्रकार से हो सके। इसे लेकर लगातार विभाग की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग के इस कार्यक्रम के के चलते जिले में अस्पतालों में प्रसव दर 96.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
कोट्स
विभाग की तरफ से सुमन कार्यक्रम के तहत घर द्वार तक महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। मातृ मृत्यु दर में कमी आ रही है। साथ ही अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव की दर में भी बढ़ोतरी हो रही है।
डॉ. अंकित चौधरी, कार्यक्रम अधिकारी, सुमन अभियान