सड़क किनारे लगाए गए डंगे में दबा हुआ पेड़। संवाद
भरवाईं (ऊना)। लोक निर्माण विभाग उपमंडल भरवाईं के तहत चल रहे विकास कार्य में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सड़क किनारे सुरक्षा दीवार (डंगा) लगाने के दौरान ठेकेदार और विभागीय कर्मचारियों ने एक पुराने और विशाल आम के पेड़ के तने को ही कंक्रीट की दीवार में दबा दिया। निर्माण के बाद पेड़ का तना चारों ओर से सीमेंट-कंक्रीट से घिर गया है, जिससे उसके अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। मौके की तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि डंगे के निर्माण के दौरान लोहे की शटरिंग लगाकर पेड़ के तने से सटाकर कंक्रीट भर दिया गया। निर्माण कार्य के दौरान पेड़ के तने और जड़ क्षेत्र के आसपास पर्याप्त जगह छोड़ी जानी चाहिए। स्थानीय लोगों के अनुसार यह आम का पेड़ काफी पुराना है और वर्षों से राहगीरों को छांव देने के साथ-साथ फल भी प्रदान करता रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पेड़ के तने के आसपास से कंक्रीट को जल्द नहीं हटाया गया तो पेड़ के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और धीरे-धीरे इसके सूखने का खतरा बढ़ जाएगा। इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों में रोष है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों और प्रशासन से मामले की जांच करवाने तथा पेड़ के आसपास से कंक्रीट हटाकर उसे बचाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं लेकिन इसके लिए वर्षों पुराने हरे-भरे पेड़ों की बलि नहीं दी जानी चाहिए।
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सुरेश कुमार ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। वह स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे और मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।