विभाग ने दस्तावेजों के साथ परिवार नियोजन प्रमाण पत्र की अनिवार्यता हटाई
महिला एवं बाल विकास विभाग ने जारी किए निर्देश
जसवीर ठाकुर
ऊना। प्रदेश की महिलाएं अब परिवार नियोजन प्रमाण पत्र के बिना आंगनबाड़ी वर्कर बन सकेंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस संदर्भ में निर्देश जारी किए हैं। आंगनबाड़ी वर्कर बनने के लिए दस्तावेजों के साथ परिवार नियोजन प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म की गई है। इससे पहले आंगनबाड़ी वर्कर बनने के लिए अन्य दस्तावेजों की तरह परिवार नियोजन प्रमाण पत्र का दस्तावेज भी साथ में लगाया जाता था।
परिवार नकल के हिसाब से ही इस प्रमाण पत्र के दो अंक मिल जाएंगे। विभाग के इस निर्णय से महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। वहीं, परिवार नियोजन प्रमाण पत्र बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 19000 के तकरीबन आंगनबाड़ी केंद्र हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग समय-समय पर नए आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित करने के साथ ही खाली आंगनबाड़ी केंद्रों में वर्कर की भर्ती प्रक्रिया निरंतर जारी रखे हुए हैं। गोर हो कि आंगनबाड़ी वर्कर बनने के लिए महिलाओं को एक या दो बेटी पर दो अंक साक्षात्कार में दिए जाते हैं।
बाक्स
नर्सरी अध्यापिका को भी अब आंगनबाड़ी वर्कर बनने के लिए शिक्षा विभाग के उपनिदेशक से अनुभव का प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। संबंधित स्कूल के ही मुख्य अध्यापक को नर्सरी अध्यापकों को अनुभव का प्रमाण पत्र देने के लिए विभाग ने मान्य कर दिया है। नर्सरी अध्यापिका के अनुभव के आधार पर एक साल के लिए एक अंक, दो साल के लिए दो अंक और अधिकतम तीन अंक की शर्त का भी महिलाओं को लाभ मिलेगा और उपनिदेशक कार्यालय के चक्कर काटने से भी अब निजात मिलेगी।
बाक्स
महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ हरोली शिव सिंह वर्मा ने बताया कि महिलाएं अब बिना परिवार नियोजन प्रमाण पत्र के आंगनबाड़ी वर्कर बन सकेंगी। इसकी अनिवार्यता खत्म करने के संदर्भ में विभाग ने स्पष्टीकरण करके निर्देश जारी कर दिए हैं। अब नर्सरी अध्यापकों को भी अनुभव प्रमाण पत्र के लिए मुख्य अध्यापक को मान्य किया गया है। पहले शिक्षा विभाग के उपनिदेशक से अनुभव प्रमाण पत्र लेना पड़ता था। इस शर्त को भी विभाग ने अब हटा दिया है।