संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। रायपुर सहोड़ा स्थित सुभाष सहोड मेमोरियल सामुदायिक भवन में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिन विभिन्न आध्यात्मिक प्रसंगों पर चर्चा की गई। रविवार को वृंदावन से पधारे पंडित सतीश मिश्रा ने व्यासपीठ से भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए कहा कि कपिल मुनि के अनुसार मन को वश में करने का पहला उपाय कथा-श्रवण है। दूसरा ध्यान तथा तीसरा अष्टांग योग। शरीर की मुक्ति संभव नहीं, बल्कि कर्मों के आधार पर ही जीव का मार्ग निर्धारित होता है। कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने बताया कि देवहूति ने कपिल मुनि से पूछा था कि जीव स्वर्ग और नरक को कैसे प्राप्त करता है। इस पर कपिल मुनि ने कहा कि पुण्य कर्म करने वाला जीव स्वर्ग लोक को प्राप्त होता है, जबकि पाप कर्म करने वाला नरक में जाता है। इसलिए मनुष्य को सदा सत्कर्मों का पालन करना चाहिए, क्योंकि वही मोक्ष के मार्ग का द्वार खोलते हैं। पाप कर्म करने वाले जीव ईश्वर को प्रिय नहीं होते और उन्हें नरक का वास अवश्य करना पड़ता है, यह अटल सत्य है। पंडित सतीश मिश्रा ने बताया कि सोमवार को नंदोत्सव मनाया जाएगा। उन्होंने सभी भक्तों से आग्रह किया कि वे इस उत्सव में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण जन्म कथा का रसपान करें और पुण्य लाभ प्राप्त करें।