ऊना। जिले में मानसून की सुस्त चाल अब किसानों की चिंता का कारण बनने लगी है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद किसानों ने बड़े स्तर पर मक्की और अन्य खरीफ फसलों की बिजाई पूरी कर ली थी लेकिन इसके बाद बारिश नहीं होने से खेतों में उगी फसलें मुरझाने लगी हैं।
खासकर गैर सिंचित क्षेत्रों में हालात अधिक गंभीर हैं, जहां फसल पूरी तरह आसमानी पानी पर निर्भर है। ऐसे में किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
जिले में इस समय करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मक्की की फसल तैयार की जा रही है। इसके अलावा किसान भिंडी, लौकी, करेला, टमाटर समेत विभिन्न हरी सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं।
किसानों में रमेश चंद, जतिंद्र कुमार, रघुवीर सिंह, अजय कुमार, राजेश कुमार, सुरेंद्र शर्मा, संजय दत्ता का कहना है कि जून माह के अंतिम सप्ताह तक सामान्य तौर पर अच्छी बारिश होने लगती थी। इस बार मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि मक्की और हरी सब्जियों की फसल के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। पौधों की जड़ों को मजबूत होने और बेहतर बढ़वार के लिए पर्याप्त नमी जरूरी है।