मृतिक गुरिद्र सिंह के मामले में इंसाफ न मिलने के चलते प्रदर्शन करते हुए विभिन्न संस्थाओं के प्
टाहलीवाल/हरोली (ऊना)। हरोली क्षेत्र के गोंदपुर जयचंद में बीते जून माह में एक युवक का शव पेड़ से लटकता मिलने का मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा। बुधवार को युवक के परिजनों ने औद्योगिक टाहलीवाल के मुख्य चौक पर प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन महर्षि वाल्मीकि यूथ एकता महासभा की अगुवाई में किया गया। परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की, उसकी हत्या हुई है। जबकि पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या का मामला समझकर आगे बढ़ाया था, जिससे युवक के परिजनों में रोष है। महर्षि वाल्मीकि यूथ एकता महासभा अध्यक्ष अमित दोधी ने करीब 40 समर्थकों के साथ टाहलीवाल चौक में सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। यह प्रदर्शन दोपहर 1:45 से 2:15 बजे तक जारी रहा। इस दौरान वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुआ। इसके चलते वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से होते हुए आगे बढ़ना पड़ा।
युवक के माता-पिता का कहना है कि हमारा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। उसकी हत्या कर शव पेड़ से लटकाया गया था। पीड़ित परिवार का कहना है कि पिछले एक महीने से पुलिस प्रशासन इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। इस दौरान पुलिस प्रशासन मौका पर मौजूद रहा, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। महासभा के सदस्यों ने सभा कार्यालय से टाहलीवाल चौक तक मार्च किया और वहां पुलिस प्रशासन, हिमाचल सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने डीएसपी मोहन रावत के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपा और मामले की सीबीआई से जांच की मांग की।
18 जून को पेड़ से लटका मिला था गुरिंदर का शव
ध्यान रहे कि बीती 18 जून को गुरिंदर कुमार का घर से कुछ दूरी पर पेड़ से लटका शव मिला था। पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था, जिसको लेकर लड़के के माता-पिता ने हत्या की बात कही और कुछ लोगों पर संदेह भी जताया। परिजनों ने कहा कि पुलिस ने जो मोबाइल जब्त किया, उसकी कॉल डिटेल से आसानी से अपराधियों को पकड़ा जा सकता था। कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। बीती 22 जुलाई को भी परिजनों ने गोंदपुर जयचंद-गढ़शंकर मार्ग पर प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब पांच घंटे वाहनों की आवाजाही बंद रही थी।
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कोट्स
मामले की जांच जारी है। पुलिस इसमें पूरी गंभीरता से काम कर रही है। प्रदर्शन करने वालों से मौके पर पहुंचकर बातचीत की गई। इस दौरान उचित जांच का आश्वासन दिया गया।
मोहन रावत, डीएसपी, हरोली