आयुष विभाग ने शुरू की कवायद, ग्रामीण क्षेत्रों में जल्द मिलेगा सुविधा का लाभ
अभी तक जिला आयुर्वेदिक अस्पताल और धमांदरी वेलनेस केंद्र में ही उपलब्ध है सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी ऊना। जिले के आयुष वेलनेस केंद्रों में अब जोंक थैरेपी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए आयुष विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और उच्च अधिकारियों से विभिन्न केंद्रों के लिए जोंक उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है। फिलहाल यह सुविधा केवल जिला आयुर्वेदिक अस्पताल और धमांदरी वेलनेस केंद्र में ही उपलब्ध है। आयुष विभाग ने इस थैरेपी को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने की योजना बनाई है। इसके लिए केंद्रों में तैनात चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इस थैरेपी को शुरू करने के लिए जोंक की आवश्यकता होती है, जिन्हें विभाग दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों से मंगवाता है। विभाग ने मांग रखी है कि इन्हें जल्द उपलब्ध करवाया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज भी इस चिकित्सा पद्धति का लाभ उठा सकें। यह थैरेपी गांठ, फोड़े जैसी समस्याओं के साथ कई अन्य रोगों के उपचार में उपयोगी मानी जाती है और बिना दर्द के करवाई जा सकती है।
जोंक थैरेपी खून को शुद्ध करने की एक आयुर्वेदिक पद्धति है। इसमें जोंक शरीर से अशुद्ध रक्त को चूसती है। इस प्रक्रिया के दौरान जोंक रक्त में ऐसे एंजाइम छोड़ती है, जो न केवल प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाते हैं बल्कि शरीर की प्राकृतिक उपचार शक्ति को भी मजबूत करते हैं।
जोंक थैरेपी की सुविधा आयुष वेलनेस केंद्रों में शुरू करने के लिए चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब उच्च अधिकारियों से जोंक उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। वर्तमान में यह सुविधा जिला आयुर्वेदिक अस्पताल और धमांदरी केंद्र में ही उपलब्ध है। -डाॅ. किरण शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ऊना