सावन माह के प्रथम वीरवार को बेड़ा छोड़ने वालों का लगा रहा ताता
हमीरपुर, बिलासपुर की सीमा के साथ लगते क्षेत्रों के लोग आते हैं बेड़ा छोड़ने
संवाद न्यूज एजेंसी
लठियाणी (ऊना)। सावन मास के पहले वीरवार को गोबिंद सागर झील के लठियाणी घाट पर बेड़ा छोड़ने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। हमीरपुर, बिलासपुर सहित अन्य स्थानों से आए श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। महिलाएं ..पार करो मेरी नैया रे, तारा है सारा ज़माना प्रभु हमको भी तारो.. जैसे भजनों से माहौल को भक्तिमय बना रही थीं। मान्यता है कि राम, लक्ष्मण व सीता ने वनवास के दौरान सरयू नदी पार की थी, तभी से बेड़ा छोड़ने की परंपरा चली आ रही है। श्रद्धालु मलाह को वस्त्र, बर्तन, आभूषण व किराया देकर बेड़ा छुड़वाते हैं और भवसागर पार होने की कामना करते हैं।