ग्रामीण क्षेत्रों के भूस्खलन संभावित रास्तों के किनारे बनेंगी दीवारें
मनरेगा योजना से होगा निर्माण, रोजगार के अवसर मिलेंगे
राजेश पाराशर
घनारी (ऊना)। गगरेट के ग्रामीण इलाकों में भूस्खलन की समस्या से निपटने के लिए नई पहल शुरू की जा रही है। खंड विकास अधिकारी सुरिंदर जेटली के नेतृत्व में एसडीओ, जेई और तकनीकी सहायकों को उपमंडल गगरेट की भूस्खलन संभावित पंचायतों में 60-40 के अनुपात में सीमेंट और कंकरीट की दीवारों के एस्टिमेट तैयार करने के आदेश जारी किए हैं। यह दीवारें ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों के किनारे बनेंगी। इससे विशेषकर बरसात के मौसम में आने वाली दिक्कतों से लोगों को राहत मिलेगी। निर्माण कार्य मनरेगा योजना के तहत होगा। इससे न केवल भूस्खलन जैसी आपदाओं से सुरक्षा मिलेगी बल्कि जरूरतमंद ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित होंगे। इस पहल के जरिये ग्रामीण विकास एवं रोजगार सृजन को प्रोत्साहन देते हुए विकास में नई दिशा दी जाएगी। स्थानीय निवासियों राकेश कुमार, रमेश चंद, पवन कुमार, विनोद कौंडल, किशोरी लाल, कुलदीप सिंह, शिव कुमार, हरदेव दत्त, अमित भनोट, अशोक कुमार, शांति देवी समेत अन्य ग्रामीण नेताओं ने खंड विकास अधिकारी सुरिंदर जेटली की ओर से लिए गए इस फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि गगरेट में विकास की दिशा में इस कदम से ग्रामीणों को न केवल प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित किया जाएगा, बल्कि विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे क्षेत्र में खुशहाली और समृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।