फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: वन क्षेत्रों में पेड़ कटान के नियम सख्त होने पर भूमि मालिकों ने जताया रोष

Sat, 25 Oct 2025 06:25 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
विज्ञापन
विज्ञापन
ऊना। जिला में लकड़ी कटान को लेकर वन विभाग की ओर से सख्ती बढ़ाए जाने के बाद वन क्षेत्र के भूमि मालिकों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर रोष जताया। इस दौरान भूमि मालिकों ने एमसी पार्क से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए रोष रैली निकाली। इसके बाद उपायुक्त ऊना को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें वन क्षेत्र में कटान के नियमों में सख्ती कम करने की मांग उठाई।
विज्ञापन

भूमि मालिकों ने ज्ञापन में लिखा कि हिमाचल सरकार द्वारा जो वृक्ष प्रजातियों को निर्यात के लिए खोला गया, उन प्रजातियों के पेड़ हमारी जमीन में काफी मात्रा में पाए जाते हैं। हम पेड़ों को विभाग की अनुमति से अपनी जमीन से कटवाते तथा पंजाब की मंडियों में निर्यात करते हैं। हमसे कभी भी किसी कर्मचारी ने रिश्वत की मांग नहीं की।
यह प्रक्रिया पूरी तरह से वैध है, इसमें कुछ भी गैर कानूनी नहीं। अभी तक हमें इस प्रकार निर्यात करने व अनुमति बनाने में कोई भी समस्या नहीं आ रही थी। कुछ दिन से एक शख्स संजीव कुमार जो रिटायर्ड डिप्टी रेंजर हैं, वह हमारे रकबों में घूम रहे थे। वह षड्यंत्र रच रहे हैं।
विज्ञापन

झूठे दावे कर लकड़ी का अवैध कटान की बात कर रहे हैं। पैसे लेकर गाड़ियों को निकालने के दावे सरासर झूठे हैं। हम जो भी लकड़ी का निर्यात करते हैं, वह निर्यात के लिए खुली है। हम अनुमति लेकर ही लकड़ी काटते तथा निर्यात करते हैं। वन विभाग ने हमारी पेड़ काटने की अनुमति के कागजों पर रोक लगा दी है। इससे हमें आर्थिक नुकसान हो रहा है। यह शख्स पहले भी उच्च न्यायालय में शिकायत कर लोगों को गुमराह कर चुका है।
भूमि मालिकों ने कहा कि हम कोई भी अवैध काम न कर रहे हैं, न ही करवा रहे। झूठी शिकायतें करने वाले शख्स के विरुद्ध संज्ञान लिया जाए। वहीं रिटायर्ड डिप्टी रेंजर संजीव कुमार ने बताया कि किसानों की भूमि से पेड़ कटान के मामलों में उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं जो कि उनका अधिकार है। अगर कहीं नियमों के तहत कटान हो रहा तो उससे कोई आपत्ति नहीं। उनकी आपत्ति अवैध कटान और विभाग की कार्यप्रणाली से है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें