वेतन को तरस रहे मुख्यमंत्री निदान योजना के कर्मचारी
बोले, क्वार्टर के किराये से लेकर मूलभूत सुविधाओं से महरूम
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में क्रस्ना लैब के कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है। इसके विरोध में गुस्साए कर्मचारियों ने मंगलवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तीन घंटे की हड़ताल की। इस दौरान अस्पताल में जांच करवाने आए मरीजों को कुछ समय तक असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री निदान योजना के तहत रोगियों को सस्ती और सुलभ जांच सुविधा उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, लेकिन इस योजना से जुड़े कर्मचारी आज खुद आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए कर्मचारियों के सामने किराया, राशन और परिवार के पालन-पोषण जैसी बुनियादी समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि दिसंबर और जनवरी माह का वेतन अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने बार-बार प्रबंधन से गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। सोमवार को वेतन देने की बात कही गई थी, लेकिन मंगलवार बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। इस पर आक्रोशित कर्मचारियों ने तीन घंटे का कार्य बहिष्कार किया।
इस हड़ताल में मुख्यमंत्री निदान योजना के तहत संचालित लेबोरेटरी के सभी कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वेतन का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो संगठन की राज्य कार्यकारिणी के निर्देशानुसार आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस मामले पर सीएमओ डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि उन्हें हड़ताल की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। अब उन्हें जानकारी मिली है कि क्रस्ना लैब के कर्मचारियों ने तीन घंटे काम बंद रखा। उन्होंने कहा कि इस दौरान अस्पताल की सरकारी लेबोरेटरी में सभी आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं, ताकि उपचार के लिए आने वाले रोगियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। अस्पताल प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।