फिल्म से प्रभावित होकर चुनी थी कुश्ती, पिछली बार भी थीं स्टेट विजेता
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ऊना जिला के जनकौर गांव की बारिका आज गांव से लेकर जिले तक चर्चा का विषय बनी हुई है। महिला पहलवान बबीता फोगाट के संघर्ष पर आधारित फिल्म दंगल से प्रेरित होकर बारिका ने कुश्ती को अपना जुनून बना लिया। अब उसकी कुश्ती देखने के लिए मैदान में दर्शकों का हुजूम उमड़ पड़ता है। स्कूल में सहपाठी उसे प्यार से ‘दंगल गर्ल’ कहकर पुकारते हैं। बारिका की फुर्ती, लग्न और खेल के प्रति समर्पण उसे दूसरों से अलग पहचान दिला रहा है। प्रदेश स्तरीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उसका चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए हुआ है।
सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली सारिका (बारिका) ने पिछले वर्ष भी नेशनल में शानदार प्रदर्शन किया था, और इस बार उससे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
बारिका के पिता रवि धीमान, जो पेशे से एमआर हैं। बताते हैं कि बेटी ने जब दंगल फिल्म देखी, तभी से कुश्ती के प्रति उसका लगाव गहरा हो गया। ऊना में प्रशिक्षण लेने के बाद अब वह बिलासपुर में भी अभ्यास कर रही है। रवि धीमान कहते हैं -जब भी बेटी जीतती है, तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। ओलंपिक में देश को पदक दिलाना उसका सपना है।
भाई भी जाएगा नेशनल खेलने
जहां बारिका कुश्ती में दांव-पेच दिखा रही है, वहीं उसका भाई दियुतित टेबल टेनिस में अपनी पहचान बना रहा है। अंडर-19 श्रेणी में राज्य स्तरीय स्वर्ण पदक जीतने के बाद उसका भी चयन राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
रवि धीमान बताते हैं -जब बेटी ने खेल में कदम रखा, तो बेटे को भी प्रोत्साहित किया। दोनों ने मेहनत और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया है।
भाई-बहन की इस सफलता के पीछे माता-पिता की लग्न और संघर्ष की बड़ी भूमिका रही है, जिन्होंने हर कदम पर बच्चों का हौसला बढ़ाया।