संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। उपायुक्त जतिन लाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की प्रगति और लाभार्थी बच्चों की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। जिला बाल संरक्षण कार्यालय की ओर से आयोजित बैठक में उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यह योजना उन बच्चों के लिए है, जिनके माता-पिता दोनों की कोविड-19 के दौरान मृत्यु हो गई थी। योजना के तहत पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 20,000 की छात्रवृत्ति और 4,000 मासिक पॉकेट मनी दी जाती है। ऊना जिले के चार बच्चे इस योजना में पंजीकृत हैं, जिनमें से तीन को अब मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना में स्थानांतरित किया गया है। बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।