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Una News: अव्यवस्थाओं से जूझ रहा ईसपुर आयुर्वेदिक अस्पताल

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पंचकर्म और क्षार सूत्र केंद्र में चल रहा अस्पताल
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बार-बार मांग के बावजूद विभाग नए भवन का नहीं कर पा रहा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
पंडोगा (ऊना)। ईसपुर स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल लंबे समय से अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। अस्पताल को नया भवन अब तक नहीं मिल पाया है, जबकि स्टाफ की कमी भी लगातार बनी हुई है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नतीजतन, क्षेत्र की आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं।
जिले के सबसे पुराने आयुर्वेदिक अस्पतालों में से एक ईसपुर का पुराना भवन जर्जर होने के कारण एक वर्ष पहले गिरा दिया गया था। तब से दस बेड वाला यह अस्पताल पंचकर्म और क्षारसूत्र थेरेपी के लिए बने कमरों में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है। जगह कम होने के कारण अस्पताल के संचालन में भी कठिनाइयां आ रही हैं।
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स्टाफ की भारी कमी
अस्पताल में दो स्टाफ नर्स के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल एक ही स्टाफ नर्स सेवाएं दे रही हैं। चार एएनएम के स्वीकृत पदों में से तीन ही तैनात हैं। वहीं, थैरेपिस्ट न होने के कारण पंचकर्म सेवाएं बंद पड़ी हैं, जबकि पंचकर्म के सभी आवश्यक उपकरण अस्पताल में मौजूद हैं। पहले यहां प्रतिदिन 5 से 10 मरीज पंचकर्म उपचार करवाते थे, लेकिन सुविधा बंद होने से अब मरीजों को जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है।

करीब 15 गांवों से लोग उपचार के लिए ईसपुर पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ता है। तीनों तैनात चिकित्सकों को भी सीमित जगह के कारण अस्पताल संचालित करने में कठिनाई हो रही है। इन समस्याओं को कई बार उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा गया है, लेकिन समाधान आज तक नहीं हो पाया।
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कोट्स
ईसपुर अस्पताल में स्टाफ व भवन की कमी है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया है। स्टाफ की तैनाती विभागीय स्तर पर ही की जाती है। -डॉ. किरण शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, ऊना
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